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भूस्तला मामले में एससी आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान

Tue, 24 May 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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भूस्तला मामले में एससी आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान - फोटो : अमर उजाला
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भूस्तला गांव में दलित परिवार के युवक की घुड़चढ़ी रस्म में सवर्ण समाज के हंगामे और पथराव के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले की सूचना मिलते ही सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन ईश्वर सिंह गांव पहुंचे। यहां पीड़ित परिवार से उन्होंने बात की, साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से भी मामले की जानकारी ली। उन्होंने सख्त टिप्पणी करते हुए एसपी से पूछा कि क्या 65 वर्ष बाद भी अनुसूचित वर्ग के लोगों को जमीन पर चलने का अधिकार नहीं है।
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उन्होंने डीसी को पत्र लिखकर पीड़ित परिवार को हुए नुकसान का मुआवजा देने के लिए कहा है। साथ ही एसपी से पीड़ित परिवार की सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए भी कहा है। उनका कहना था कि यदि जरूरत पड़े तो यहां पुलिस चौकी भी बनाई जाए। उधर, सरपंच ने दावा किया है कि मामले को खत्म करने के लिए प्रयास किया जा रहा है।


शनिवार को रात में ग्राम भूस्तला के सुरेश वाल्मीकि के पुत्र संदीप की शादी थी। शाम को जब घुड़चढ़ी की रस्म की जा रही थी, तभी सवर्ण समाज के कुछ लोगों ने लाउडस्पीकर से यह घोषणा कर दी थी कि दलित वर्ग के लोगों को न तो मंदिर में जाने देंगे और न ही घुड़चढ़ी की रस्म ही करने देंगे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।
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जब स्थिति ज्यादा बिगड़ने लगी तब पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन इस दौरान भी दोनों पक्षों में विवाद होता रहा। एक पक्ष ने दूसरे पर जमकर पथराव भी कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और सारी रस्में पुलिस की मौजूदगी में हुई थीं। यह मामला मीडिया में आते ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भी हरकत में आ गया। सोमवार को आयोग के चेयरमैन ईश्वर सिंह खुद गांव में पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिले।


आयोग के चेयरमैन ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि स्थानीय प्रशासन और आयोग उनके साथ है। उन्होंने कहा कि किसी की भी दबंगई नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने एसपी सिमरदीप सिंह से कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाए। जरूरत हो तो पुलिस चौकी बनाई जाए। इस पर एसपी ने आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवार को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। चेयरमैन ईश्वर सिंह ने कहा कि आजादी के बाद भी दलित परिवार काफी यातनाएं झेल रहा है।

पीड़ित परिवार इतना सहमा हुआ है कि वह अपने सामाजिक कार्य भी स्वतंत्र रूप से नही कर सकता। इस मौके पर वाल्मीकि अंबेडकर संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रो. नरेश सिंह, एसडीएम पिहोवा दलबीर सिंह, तहसीलदार पिहोवा अनिल गर्ग, नायब तहसीलदार ललित जाखड़, नायब तहसीलदार इस्माईलाबाद चेतना चौधरी, थाना प्रभारी झांसा निर्मल सिंह, जिला वेलफेयर अधिकारी शिशपाल माहला, महिंद्र कैंथला, पटवारी विजय शर्मा, स्वर्णजीत सिंह आदि मौजूद रहे।

पुलिस के पहरे में पूरी की गई रस्में

पुलिस की मौजूदगी के बाद भी स्थिति तनावपूर्ण रही। बताया जाता है कि शादी के बाद की रस्में भी पुलिस के पहरे में पूरी की गई। बारात वापस आने के बाद दूल्हा व दुल्हन द्वारा की जाने वाली सामाजिक रस्मों के दौरान भी प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद थे। फिलहाल भी गांव में पुलिस का जमावड़ा लगा हुआ है।

आपसी सौहार्र्द बनाने का प्रयास
सरपंच राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि फिलहाल गांव में शांति का माहौल है। किसी भी समुदाय के बीच में कोई मतभेद नहीं है। गांव में भाईचारा कायम रखने के लिए कुछ बुजुर्ग लगातार प्रयास कर रहे हैं। भविष्य में कभी भी ऐसी घटना न हो इसके लिए पंचायत प्रयास कर रही है।

20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
एसपी सिमरदीप सिंह ने आयोग के चेयरमैन को जानकारी दी कि कुल 20 लोगों के खिलाफ एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा डीएसपी पिहोवा आर्यन चौधरी को सौंपा गया है। एसपी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून भंग करने की अनुमति नहीं है। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया है कि गांव में अब माहौल शांतिपूर्ण है।
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