संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ईओ राजेश कुमार ने मंगलवार को सफाई शाखा के अधिकारियों व सुपरवाइजर की बैठक ली। इसमें उन्होंने आदेश दिए कि यदि कोई आग लगाता हुआ मिले तो तुरंत उसका चालान किया जाए और यदि कहीं आग लगी दिखाई दे तो उसे बुझाए या दमकल विभाग की मदद लें लेकिन इसी दौरान दूसरी तस्वीर भी दिखाई दी।
शहर के दिल कहे जाने वाले सेक्टर-17 में सफाई कर्मियों ने ही खाली प्लाॅट में कचरे के ढेरों को आग के हवाले कर दिया। भीषण गर्मी के बीच इन ढेरों में आग लगाए जाने से न केवल नियमों व आदेशों की धज्जियां उड़ाई, बल्कि जहरीला धुआं भी उठता रहा। यहां पहले भी अक्सर कचरा उठान करने की बजाए उसे आग के हवाले किया जाता रहा है।
ईओ राजेश कुमार ने कहा कि गर्मी होने के कारण आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आग से जहरीली गैस निकलती हैं, जो हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है और कई बीमारियों का कारण बनती हैं। वहीं प्लास्टिक व पॉलीथिन जलाने और भी ज्यादा खतरनाक सिद्ध होता है। आग लगाने के बाद जो अवशेष रह जाते हैं, जिसमें राख और रसायन मिट्टी जमीन की तो उपजाऊ शक्ति खत्म करते हैं और भूजल को भी दूषित करते हैं। ऐसे में हम सभी की जिम्मेवारी बनती है कि किसी भी कूडे कचरे या अन्य वस्तुओं में आग न लगाए।
छबील पर स्टील व कागज के गिलास का करें उपयोग
ईओ ने अधिकारियों को आदेश दिए अब गर्मी में लोगों की ओर से मीठे पानी की छबील लगाई जाएगी और उस दौरान प्लास्टिक के गिलास में पानी पिलाया जाता है, लेकिन देखने में आया है कि आयोजनकर्ताओं की ओर से डस्टबीन नहीं रखा जाता और प्लास्टिक के गिलास सड़क पर गिरे हुए दिखाई देते हैं। इससे जहां सडक़ पर गंदगी दिखाई देती हैं। ऐसे में जो लोग छबील लगाए वह डस्टबीन जरूर रखे और प्लास्टिक के गिलास प्रयोग न करके स्टील, कागज या कांच के गिलास का प्रयोग करें। ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में जाएगी, जिसमें जुर्माना लगाया जाना भी शामिल है।
कुरुक्षेत्र। सेक्टर 17 के खाली प्लाट में कचरे के ढेर में लगाई गई आग। संवाद