कुरुक्षेत्र। उत्तर भारत में प्याज की खेती को अत्याुधनिक तकनीक से जोड़ते हुए कैसे बढ़ावा दिया जाए जिससे यहां के किसानों का भी इस खेती की ओर रुख हो। इस पर आज मंगलवार को पंचायत भवन में मंथन करने के लिए विशेषज्ञ वैज्ञानिक जुटेंगे। जो न केवल परंपरागत गेहूं व धान की फसलों की बजाए सब्जियों की तरफ किसानों का रुझान बढ़ाने के लिए टिप्स देंगे बल्कि इससे आर्थिक तौर पर समृद्ध होने की तकनीक से भी अवगत कराएंगे।
कृषि विज्ञान केंद्र के साथ मिलकर करनाल के सलारू गांव स्थित नेशनल होर्टिकल्चर रिसर्च एंड डिवलेपमेंट फाउंडेशन की ओर से प्रदेश स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। इसमें महाराणा प्रताप होर्टिक्लचर यूनिवर्सिटी उचानी के कुलपति डॉ़ एसके मल्होत्रा मुख्य तौर पर पहुंचेंगे तो वहीं चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के एक्टेंशन एजूकेशन निदेशक डॉ़ बलवान सिंह भी विशेष तौर पर मौजूद रहेंगे। वहीं एनएचआरडीएफ करनाल के सेंटर हेड डॉ़ आलोक कुमार सिंह भी अपना व्याख्यान देंगे। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ़ बलजीत सहारन के अलावा उक्त केंद्र के साथ-साथ अन्य संस्थानाें के विशेष भी किसानों को प्याज की खेती करने से लेकर उसके बेहतर प्रबंधन के गुरों से अवगत कराएंगे। केवीके वैज्ञानिक डॉ़ ललिता का कहना है कि सेमिनार में 300 से ज्यादा किसान पहुंचेंगे।
कुरुक्षेत्र में पहली बार आयोजन, किसानों में उत्साह
बता दें कि कुरुक्षेत्र में पहली बार प्याज की खेती को बढ़ावा देने के लिए इस स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। इससे किसानों में भारी उत्साह बना हुआ है। गांव उंटसाल के किसान प्रमोद कुमार सहित अन्य किसानों का कहना है कि यह बड़ी पहल की जा रही है और किसानों का रुख इस खेती की ओर जरूर होगा।