पिहोवा। संत बाबा मान सिंह की दूसरी बरसी को समर्पित तीन दिवसीय समागम पर गुरुद्वारा सचखंड ईशर दरबार जरासी में समागम शुरू हुआ। संत महापुरुषों ने संत बाबा मान सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि समाज की सेवा में संत बाबा मानसिंह का अतुल्य योगदान रहा। क्षेत्र के लोगों की सेवा के लिए उन्होंने स्कूल, अस्पताल, नर्सिग कॉलेज व महिला डिग्री कॉलेज आदि की स्थापना की। देश के किसी भी हिस्से में जब मानवता पर संकट आया तो संत बाबा मानसिंह ने लंगर सेवा और चिकित्सा सुविधा के जरिए सभी की मदद की। उन्होंने उपस्थित संगत से कहा कि सभी धर्मों का सत्कार करें।
हमेशा भाईचारे की भावना का प्रसार करें। उन्होंने कहा कि हम मन के अधीन होकर एक दूसरे से मनमुटाव रखते हैं। जबकि संत महापुरुष हमेशा पांच विकारों काम,क्रोध, मोह,लोभ व अहंकार को त्यागकर प्रभु सिमरन, नाम सिमरन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि ये शरीर किराए का मकान है। कब हमें छोड़कर जाना पड़े। हम नहीं जानते।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि सामाजिक कुरीति नशा वृति से दूर रहें। उन्होंने कहा कि सभी गृहस्थ लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा,अच्छे संस्कार व संत महापुरुषों के आदर्शों व सिद्धांतों की जानकारी अवश्य दें।
प्रैस प्रवक्ता जसबीर सिंह जस्सी ने बताया कि समापन पर नौ अप्रैल को लड़ीवार श्री सहज पाठ का भोग डाला जाएगा और संत समागम होगा। संगत के लिए गुरु का लंगर अटूट जारी रहेगा। इस मौके पर बाबा सुरजीत सिंह, बाबा दिलबाग सिंह, जय भगवान शर्मा डीडी, हरप्रीत सिंह चीमा, हरमनदीप सिंह विर्क आदि मौजूद रहे। संवाद