शाहाबाद। मारकंडा में उफान का असर फसलों के साथ-साथ बस्तियों में भी देखा जा रहा है। पट्टी जामड़ा (बाजीगर बस्ती) में नदी का पानी फिर से घरों में घुस गया जहां करीब 130 घर जलमग्न हो चुके हैं और लोग या तो घरों की ऊपरी मंजिल पर डेरा डाले हुए हैं या फिर मंदिर परिसर में। कठवा गांव का पूरा रकबा पानी में डूब गया है। तंगौर की 90 फीसदी तक फसल बर्बाद मानी जा रही है जबकि कलसाना, पाडलू, मलकपुर, गुमटी और अरूपनगर में किसानों के अनुसार 50 फीसदी से भी ज्यादा नुकसान है।
2023 की बाढ़ का मंजर फिर दिखाई देने लगा
मारकंडा में बढ़ते जलस्तर व पहले से ही मार झेल रहे लोगों को वर्ष 2023 में आई बाढ़ का मंजर दिखाई देने लगा है। उस समय अंबाला के हेमामाजरा से 55 हजार क्यूसेक पानी निकलने के बाद शाहाबाद का पॉश इलाका हुड्डा तक डूब गया था। इस बार 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पहाड़ों पर फिर से बारिश हुई तो बाढ़ की आशंका बढ़ जाएगी।