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जिलेभर के अस्पतालों में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की भरमार, सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 129 की पुष्टि

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स्वास्थ्य महकमा डेंगू के डंक को नियंत्रण में बता रहा है, लेकिन जिला अस्पताल और निजी अस्पताल में पहुंच रहे डेंगू के संदिग्ध मरीजों की भरमार है। बुखार के साथ-साथ मरीजों की अचानक से प्लेटलेट्स घट रही है। मरीज नाजुक हालत में उपचार के लिए अस्पतालों में दाखिल हो रहे हैं। जिला मलेरिया विभाग द्वारा 1300 से अधिक संदिग्ध मरीजों की जांच कराने पर अभी तक मात्र 129 मरीजों को डेंगू की पुष्टि की गई है, जबकि डेंगू पॉजिटिव मरीजों का वास्तविक आंकड़ा इससे कई गुणा होने की आशंका है, क्योंकि तमाम मरीज सरकारी अस्पताल नहीं पहुंच रहे बल्कि बहुत मरीजों ने निजी अस्पतालों में उपचार कराया है। जिन मरीजों की जांच प्राइवेट लैब से हुई, उनकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं की गई। बताया गया कि सौ से अधिक मरीज जिला अस्पताल से ही डेंगू का उपचार करा चुके हैं।
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मलेरिया विभाग ने जिन मरीजों के सैंपलों की जांच वीरवार देर शाम को की है, उनकी पुष्टि विभाग की ओर से सोमवार को की जाएगी। उधर, डेंगू का डंक तीखा होने के साथ-साथ प्लेटलेट्स की डिमांड भी बढ़ी हुई है, लेकिन जिले में मरीजों को प्लेटलेट्स उपलब्ध नहीं हो रहे। उनके तीमारदारों को यमुनानगर से प्लेटलेट्स खरीदकर लानी पड़ रही है।
गांव खिजरपुर वासी अभिषेक ने बताया कि 18 नवंबर को डेंगू के लक्षण के चलते जिला अस्पताल में दाखिल हुआ था। जांच में 35 हजार प्लेटलेट्स पाई गई थी। यहां चिकित्सकों ने तभी उपचार शुरू कर दिया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी रिपोर्ट नहीं सौंपी गई।
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सवाल:-जिले में डेंगू की क्या स्थिति है ?
जवाब:- सर्दी बढ़ने के चलते डेंगू की स्थिति कंट्रोल हो चुकी है, अभी तक कुल 129 मरीजों को डेंगू की पुष्टि की जा चुकी है, अब इक्का-दुक्का ही मरीज सामने आ रहे हैं।
सवाल:-स्वास्थ्य विभाग स्थिति को कंट्रोल बता रहा है, लेकिन सरकारी व निजी अस्पतालों में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की भरमार है ?
जवाब:-सरकारी व निजी अस्पतालों में संदिग्ध मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन जिन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, उन्हीं को डेंगू पॉजिटिव माना जाता है।
सवाल:-ऐसा क्या कारण है कि स्वास्थ्य विभाग कम मरीजों की पुष्टि कर रहा है, जबकि संख्या इनसे कई गुणा ज्यादा है ?
जवाब:-ऐसा नहीं है, जिन मरीजों के सैंपल की जांच मलेरिया लैब में हुई है, उनकी रिपोर्ट मरीजों और तीमारदारों को बताई गई है। वायरल बुखार के चलते भी अचानक प्लेटलेट्स घट जाती हैं और 2-3 उपचार के बाद अचानक से बढ़ भी जाती हैं।
सवाल:- अस्पतालों की रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव मरीज उलझ रहे हैं ?
जवाब:- दरअसल, यह एक बॉडी की रिएक्शन है। जब भी कोई इंफेक्शन होता है तो प्लेटलेट्स अचानक से घट जाती है। कई मरीजों के साथ ऐसा हुआ है कि सुबह जांच कराने पर प्लेटलेट्स कम बताई गई और उसके कुछ समय बाद करने पर प्लेटलेट्स में 30 से 50 हजार तक बढ़ोतरी हुई है।
सवाल:-लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद भी क्यों नहीं चल पाई ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन ?
जवाब:- उन्होंने बुधवार को ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन का रिव्यू किया था। ब्लड बैग की कोई दिक्कत नहीं है, वह स्वास्थ्य विभाग खरीद लेगा, लेकिन रिव्यू करने पर टेक्निकल कर्मचारियों की कमी सामने आई। उन्होंने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर कर्मचारियों की मांग की है।
सवाल:-पीजीआई में लैब टेक्नीशियन को दिया गया था प्रशिक्षण ?
जवाब:-कर्मचारियों को प्रशिक्षण तो दिया गया था, लेकिन जिला अस्पताल में लैब टेक्नीशियन की भारी कमी है। ब्लड बैंक में सिर्फ 4 टेक्नीशियन सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 4-5 कर्मचारियों की आवश्यकता है।
सवाल:- कितनी प्लेटलेट्स तक मरीज को नहीं है घबराने की जरूरत ?
जवाब:- 20 हजार तक प्लेटलेट्स तक मरीज को कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन ब्लीडिंग होने पर ज्यादा खतरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ती है। जल्द ही जिला अस्पताल में भी प्लेटलेट्स उपलब्ध होंगे।
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