संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को लॉकडाउन का डर सता रहा है। ऐसे में विद्यार्थी कैंपस छोड़कर अपने घर लौटने लगे है। घर लौट रहे विद्यार्थियों का कहना महामारी के चलते उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशासन गाइडलाइन का पालन कराने के लिए सख्ती बरते लेकिन कैंपस न बंद करे।
विश्वविद्यालय के उत्साह के साथ 22 नवंबर 2021 को विद्यार्थी कोविड के चंगुल से बाहर निकलकर कैंपस में पढ़ाई करने पहुंचे थे। अब विद्यार्थी मायूसी के साथ अपनी किताबें और बैग को पैक करके घर लौटने लगे हैं। ओमिक्रॉन के खतरे को भांपते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कैंपस बंद करने के फैसले के बाद विद्यार्थियों को भी लॉकडाउन का डर सता रहा है। विद्यार्थी सोमवार से ही अपने घरों की लौटने लगे। यह सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा।
उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन क्लास शुरू करने के साथ-साथ हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों पर भी पाबंदी लगाई है, ताकि वे सुरक्षित रह सके। वहीं, विश्वविद्यालय में प्रवेश करने वालों से कर्मचारी सख्ती से पूछताछ कर रहे हैं। वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र जांचने के बाद ही कैंपस में प्रवेश दिया जा रहा है।
फतेहाबाद वासी मनीष कुमार ने बताया कि उसने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एमएससी ज्योग्राफी में दाखिला लिया था। वह 22 नवंबर को उत्साह के साथ कैंपस पहुंचा था, लेकिन अब कोविड के चलते फिर अपने घर वापस लौटना पड़ा। मनीष का कहना है कि वैसे शिक्षक ऑनलाइन क्लास लेंगे, लेकिन जो उन्होंने पिछले सवा माह में ऑफलाइन क्लास में सीखा है, वह ऑनलाइन नहीं सीख पाए।
फरीदाबाद वासी बीएएलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र रोहित ने बताया ऑफलाइन क्लास लेने के लिए 26 नवंबर को विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचा था। पढ़ाई सुचारु रूप से चल रही थी, लेकिन अब फिर से पढ़ाई प्रभावित हो गई है। फिलहाल वह हॉस्टल में ही ठहरा है। रोहित ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन सख्ती बरते, लेकिन कैंपस को खुला रखे।
बीए एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र अनिकेत नागर का कहना है कि दोबारा कैंपस बंद होने से पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। वैसे शिक्षकों ने ऑनलाइन क्लास लेनी शुरू कर दी है, लेकिन कैंपस बंद होने से शेड्यूल बदल गया है। पिछले करीब सवा माह से पढ़ाई अच्छी हो रही थी, लेकिन अब वापस अपने घर जाना पड़ेगा।
केयू विद्यार्थियों के हितों के लिए संकल्पबद्ध : प्रो. सचदेवा
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा है कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों के लिए सदैव संकल्पबद्ध है। हरियाणा सरकार की ओर दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार विश्वविद्यालय में ओमिक्रॉन संबंधी नियमों का पालन किया गया है। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। केयू प्रशासन अपने सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों के स्वास्थ्य के बारे में चिंतित है। उन्होंने सभी से मास्क पहनने, एक-दूसरे से उचित शारीरिक दूरी बनाए रखने और कोविड अनुरूप व्यवहार करने का आह्वान किया है।