जिले में हरियाणा पुलिस की भर्ती प्रक्रिया के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को प्रदेश के 13 हजार में से आठ हजार अभ्यर्थी टेस्ट देने पहुंचे। इसमें दौड़ प्रक्रिया के दौरान कई युवक गिरकर घायल हो गए। इनमें से एक की टांग टूट गई। कुछ युवकों ने इस दौरान अभद्रता भी की। बताया जा रहा है कि तीन युवकों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं पाई गई। डॉक्टरों का कहना है कि पानी की कमी के कारण युवक गिरकर बेहोश हो गए। हालांकि बाथरूम में मिली दवाइयों से आशंका जताई जा रही है कुछ ने नशे का सेवन भी किया होगा। इस संबंध में एचएसएससी के एक सदस्य ने अनभिज्ञता जाहिर की है।
एचएसएससी की ओर से बुधवार से कुरुक्षेत्र में शुरू हुई हरियाणा पुलिस की भर्ती प्रक्रिया में लगातार युवाओं के घायल होने की खबर आ रही है। दो दिन से चल रही इस भर्ती प्रक्रिया में करीब आधा दर्जन युवा दौड़ पूरी करने से पहले ही गिरकर घायल हो चुके हैं। बृहस्पतिवार को हुई प्रक्रिया में करीब आठ हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। हालांकि 13 हजार अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। सुबह पांच दौड़ शुरू हुई। अभ्यर्थियों की तादाद को देखते हुए अलग-अलग वक्त में दौड़ हुई। खाकी पहनने का ख्वाब लेकर जींद निवासी सुखविंद्र भी पहुंचा था। जब उसकी दौड़ शुरू हुई तो कुछ दूर जाकर गिर गया और बेेेहोश हो गया। तत्काल उसे सेक्टर-4 स्थित पॉलीक्लीनिक ले जाया गया, लेकिन उसे वहां से सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। पॉलीक्लीनिक में बताया गया कि पानी की कमी के कारण वह बेहोश हो गया। बताया गया है कि जब सिविल अस्पताल में युवक को होश आया तो उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसने यहां डॉक्टरों और अन्य स्टाफ कर्मियों से अभद्रता करनी शुरू कर दी। एक बार तो अस्पताल में हंगामा खड़ा हो गया। इस बीच, युवक को शांत करने के लिए अस्पताल स्टाफ ने उसके शरीर पर पानी डाला। सिविल अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर शैलेंद्र ममगाईं शैली ने बताया कि सुखविंद्र को गर्मी सिर में चढ़ गई है। पीने के लिए पानी दिया जा रहा था, लेकिन वह पी नहीं रहा था। डॉ. शैली ने मुताबिक बेहोश होने के बाद युवक को दौरा पड़ा और हालात खराब हो गई। हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। सुखविंद्र के अलावा दो अन्य युवकों की भी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है।
बाथरूम में मिला नशे में प्रयोग होने वाला सामान
उमरी रोड सेक्टर-4 में चल रही भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के लिए कई अस्थायी बाथरूम बनाए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि कई युवक भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने से पहले इन बाथरूमों में गए और इसके बाद अंदर दाखिल हुए। जब मीडियाकर्मियों ने बाथरूमों को जायजा लिया तो वहां पेन किलर के अलावा नशे के लिए उपयोग होने वाला कुछ सामान मिला। यहां तक कि इंजेक्शन, कोरेक्स बॉटल, बियर और शराब की बोतलें भी मिली हैं। आशंका जताई जा रही है कि कई युवा नशे का सेवन करने के बाद दौड़ में शामिल हुए। इससे कोई गिर रहा है तो कोई बेहोश हो रहा है।
नशे को पकड़ने का कोई इंतजाम नहीं
खास बात यह है कि नशे करने वाले युवकों को पकड़ने का कोई इंतजाम ही नहीं है। इस भर्ती में शामिल होने वाले युवकों का न तो डोप टेस्ट होता है और न ही किसी तरह का मेडिकल ही पहले कराया जाता है। दौड़ आदि की परीक्षा पास करने के बाद मेडिकल कराने का नियम है।
कोई धक्के से गिरा तो किसी की टूटा पैर
दौड़ में शामिल हुए कैमला घरौंडा निवासी अनिल अचानक सड़क पर गिर गया। अपने फिनिशिंग प्वाइंट से करीब 300 मीटर दूर ही था कि अचानक ही गिर गया। उसका दाया पैर फ्रैक्चर हो गया। भर्ती स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने एंबुलेंस की सहायता से उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया। बाद में अनिल ने बताया कि वे दौड़ को पूरा करने वाले ही था कि किसी ने पीछे से धक्का दे दिया। इसके अलावा कई अन्य अभ्यर्थी भी दौड़ के दौरान गिरकर घायल हो गए।
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नशे से संबंधित कोई शिकायत या जानकारी नहीं आई है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से ठीक चल रही है। यहां चिकित्सा संबंधित सभी सुविधाएं हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा जा रहा है।
- अमरनाथ सौदा, सदस्य, एचएसएससी
अभ्यर्थी ने किया आत्महत्या का प्रयास, अस्पताल से भागा
हरियाणा पुलिस की भर्ती प्रक्रिया में एक अभ्यर्थी के आत्महत्या के प्रयास की बात सामने आई है। युवक पर आरोप है कि उसने पॉलिक्लीनिक में बिजली के तार पकड़कर आत्महत्या का प्रयास किया। बाद में उसे सिविल अस्पताल लाया गया। पिपली सदर थाने में बकायादा अभ्यर्थी के खिलाफ रूक्का भी गया। लेकिन जब जांच अधिकारी एएसआई अस्पताल पहुंचे तब पता चला अभ्यर्थी अस्पताल से ही गायब हो गया है। ऐसे में मामला और ज्यादा संदिग्ध हो गया। हालांकि इस मामले में कोई भी अधिकारी अब खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
पुलिस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने आया करनाल निवासी बलविंद्र नाम का युवक प्रक्रिया के दौरान घायल हो गया था। बताया जाता है कि घायल होने पर उसे सेक्टर 4 स्थित पॉलिक्लीनिक ले जाया गया, यहां उसने बिजली के तार पकड़कर आत्महत्या का प्रयास किया। यह बात पॉलीक्लीनिक में मौजूद डॉक्टर ने रेफर पर्ची पर अटेम्ट टू सुसाइड लिखकर उसे सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। इस संबंध में पिपली सदर थाने में युवक के खिलाफ रुक्का भी दिया गया।
अस्पताल से हुआ गायब
सदर थाना पुलिस ने रुक्का मिलने के बाद जांच का जिम्मा एएसआई रवींद्र को सौंपा। एएसआई ने बताया कि जब वे युवक के बयान लेने के लिए अस्पताल पहुंचे तब पता चला कि वह अस्पताल से भाग गया है। ऐसे में उसके बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। इधर विशेषज्ञों का कहना है कि युवक ने भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने पर हताशा में यह कदम उठाया होगा।