बाबैन। श्री गुरुद्वारा मंढोखरा साहिब पातशाहीं नौंवी में संगतों की खुशहाली के लिए अरदास करते बा
बाबैन। श्री गुरुद्वारा मंढोखरा साहिब पातशाही नौवीं में गुरु तेग बहादुर सिंह जी के शहीदी पर्व के उपलक्ष्य विशाल कीर्तन दरबार आयोजित किया गया जिसमें देश एवं विदेश से आई संगतों ने भाग लिया। रागी एवं ढाडी जत्थों की ओर से गुरु परंपरा के अनुसार गुरु कीर्तन किया और गुरु का लंगर अटूट बरताया गया।
श्री गुरुद्वारा मंढोखरा साहिब पातशाही नौवीं के संस्थापक बाबा सुरेंद्र सिंह जी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी बचपन से ही संत-स्वरूप, स्थिर-मना, गहन विचार वाले, त्यागी, गंभीर, दलेर और निर्भय स्वभाव के धनी थे। उन्होंने कहा कि जब मुस्लिम शासक औरंगजेब हिंदुओं को बुरी तरह से प्रताड़ित कर उन्हें मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहे थे तब कश्मीर से आए पंडितों के दुखों की लंबी दास्तान सुनकर गुरु तेग बहादुर सिंह जी हिंदू धर्म की रक्षा के लिए आगे आए।
उन्होंने अपना बलिदान देकर हिंदू धर्म की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर सिंह जी के पुत्र गुरु गोबिंद सिंह जी ने भी उन्हीं के पदचिह्नों पर चलते हुए हमें निष्काम भाव से मानवता की सेवा करना सिखाया था और हमारे अंदर बलिदान करने की भावना पैदा की। उन्होंने कहा कि हम सब को इस पावन पर्व पर नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर गुरु ग्रंथ साहिब जी की ओर से दर्शाए मार्ग पर चलने का प्रण लेना चाहिए। इस अवसर पर बाबा सुरेंद्र सिंह ने गुरतेज सिंह सेखों, हरप्रीत, जितेंद्र सिंह के अलावा अनेक व्यक्तियों व सेवादारों को सिरोपे भेंट कर उनका सम्मान किया।
बाबैन। श्री गुरुद्वारा मंढोखरा साहिब पातशाहीं नौंवी में संगतों की खुशहाली के लिए अरदास करते बा