संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अटल भूजल योजना के तहत अब लाडवा खंड के 34 गांव का दौरा किया जाएगा। भूजल विशेषज्ञ डॉ. नवीन नैन के नेतृत्व में कार्य कर रही जिला भागीदार टीम को विकास एवं पंचायत अधिकारी की ओर से मंजूरी मिल गई है।
भूजल विशेषज्ञ डॉ. नवीन नैन ने शनिवार को ग्राम सचिव, प्रखंड विकास पंचायत अधिकारी, डीपीएमयू एवं अधीक्षण अभियंता डीपीएमयू नोडल अधिकारी के बीच 34 जल सुरक्षा योजना प्रस्तुत की। इस दौरान खंड विकास पंचायत अधिकारी व ग्राम सचिव ने जल सुरक्षा योजना के हर पहलू को समझा और भूजल प्रबंधन में अटल भूजल योजना से होने वाले लाभों की भी चर्चा की। भूजल विशेषज्ञ डॉ. नैन ने कहा कि लाडवा के 34 गांवों का भूजल स्तर 90 से 180 फीट बीच है। भूजल स्तर का यह आंकड़ा बहुत खराब स्थिति या डार्क जोन की स्थिति का संकेत दे रहा है।
उन्होंने बताया कि जल संकट के लिएधान की फसल, कृषि की खेती का तरीका, भूजल का अधिक दोहन, भूजल पर एक ही निर्भरता, नहर के पानी की कमी, वर्षा के पानी की घुसपैठ की कमी और घरेलू स्तर पर उपयोग की उच्च दर जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि अटल भूजल योजना के तहत पिहोवा, लाडवा और शाहाबाद के 189 गांवों में सर्वे किया जा रहा है। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण विभाग ने रिपोर्ट में जिले का 97.57 फीसदी क्षेत्र रेड जोन में शामिल किया है।
उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा योजना की रिपोर्ट के आधार पर यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ये 34 गांव बुनियादी आवश्यकता से 8-12 गुना अधिक भूजल निकाल रहे हैं। हमें लोगों को बहुत शिक्षित बनाना है और भविष्य के भूजल संकट के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए कुरुक्षेत्र जिले में क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू करना चाहिए। लाडवा खंड में हर साल भूजल स्तर एक से डेढ़ मीटर प्रति वर्ष की दर से गिर रहा है।