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189 गांवों में होगा भूजल गुणवत्ता परीक्षण

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ट्यूबवेल पर जल गुणवत्ता परीक्षण करते जल एवं स्वच्छता समिति की टीम। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। जिले में लाडवा, पिहोवा और शाहाबाद ब्लॉक के 189 गांवों में भूजल गुणवत्ता परीक्षण किया जाएगा। इन गांव को अटल भूजल योजना में कवर किया गया है। इन क्षेत्रों में डार्क जोन की स्थिति पर काबू पाने के लिए जिला कार्यान्वयन भागीदार टीम भूजल विशेषज्ञ डॉ. नवीन नैन की अगुवाई में भूजल के सभी पहलुओं और वैज्ञानिक आंकड़ों को समझने के लिए काम कर रही है।
डॉ. नैन ने विभिन्न विभागों से 189 गांवों के सामाजिक जल विज्ञान संबंधी आंकड़े और वैज्ञानिक आंकड़े एकत्र किए। इस डेटा की तुलना अटल भूजल योजना के तहत वेल इंवेंटरी और एक्विफर मैपिंग के दौरान एकत्र किए गए उनके फील्ड डेटा से की जा रही है। डॉ. नैन ने बताया कि भूजल गुणवत्ता की जांच के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से जल गुणवत्ता जांच किट का वितरण किया जा रहा है। भूजल गुणवत्ता परीक्षण का उद्देश्य 189 गांव की सार्वजनिक स्वास्थ्य बोरवेल, निजी बोर-वेल और अन्य ट्यूबवेल के भूजल की टीडीएस, विद्युत चालकता, पीएच, क्षारीयता, लौह सामग्री, कार्बोनेट, फ्लोराइड, कठोरता और अन्य रासायनिक संरचना की जांच करना है।
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जल पंचायत एवं सामाजिक सभा कार्यक्रमों के दौरान अधिकांश ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने भूजल की गुणवत्ता व जल गृह व अपने निजी घर को जोड़ने वाली पाइप लाइन की शिकायत की है। तीन प्रखंडों के ग्रामीणों ने वाटर हाउस की ओर से आपूर्ति किए गए गंदे पानी से प्रभावित स्वास्थ्य मुद्दों को भी उठाया, क्योंकि पाइपलाइनों के रिसाव से हाइपेटेटस-सी, हेपेटाइटिस-बी, मलेरिया, डायरिया, हैजा, पेचिश, टाइफाइड और पोलियो जैसी खतरनाक बीमारियां होती हैं। यह परियोजना प्रत्येक गांव में 189 जल गुणवत्ता किट उपलब्ध कराकर इस समस्या का समाधान करने का भी प्रयास कर रही है।
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