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ग्रीन अर्थ संगठन ने गीता उपदेश स्थली में 24 पेड़ काटने की तैयारी का किया विरोध

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ग्रीन अर्थ संगठन ने भव्य विराट स्वरूप स्थापित करने के लिए ज्योतिसर तीर्थ में खड़े हरे भरे पेड़ों की कटाई का विरोध किया है। हरे भरे पेड़ों की कटाई की योजना की जानकारी मिलने पर ग्रीन अर्थ टीम ने मौके का जायजा लिया। संगठन ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपायुक्त तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी केडीबी को पत्र लिख कर पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
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संगठन सदस्य डॉ. नरेश भारद्वाज ने बताया कि सिर्फ और सिर्फ विराट रूप दिखाने या सुंदरीकरण के नाम पर हरे-भरे पेड़ों की बलि देना किसी भी सूरत में प्रासंगिक नहीं है। एक अन्य मामले में वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी केडीबी ने एनजीटी में शपथ पत्र भी दाखिल किया था कि ज्योतिसर तीर्थ परिसर सहित सभी जगह पर पेड़ों को सुरक्षित किया जाएगा।
70 दशक में पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा तथा पूर्व मुख्यमंत्री बंसी लाल के प्रयास से उगाए गए हरित वन क्षेत्र के बीचोंबीच पेड़ काटकर भव्य विराट स्वरूप स्थापित किया जा रहा है। इसके आस पास के पेड़ भी काटने की तैयारी चल रही है। अर्जुन, सिरिस, बरगद, दो गुलमोहर, नीम सहित कुल 24 पेड़ जो करीब 50 साल पुराने हैं तथा निर्माण कार्य में बाधक नहीं हैं, उनको काटने की तैयारी की गई है।
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उन्होंने कहा कि यदि ज्योतिसर तीर्थ पर खड़े हरे-भरे पेड़ों की कटाई की कोई भी कोशिश की गई तो मजबूरन संबंधित मामले में कोर्ट में याचिका डाली जाएगी। तीर्थ पर स्थानीय प्रजाति के और अधिक पेड़ योजनाबद्ध तरीके से तुरंत लगाए जाने की जरूरत है। ग्रीन अर्थ संगठन सहयोग के लिए सदैव तैयार हैं।
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