धर्मनगरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला चुके अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के विदेश में मनाए जाने की परंपरा के अनुसार इस बार का भव्य आयोजन कनाडा में किया जाएगा। इस महोत्सव में कनाडा की 50 से ज्यादा संस्थाएं सहयोग के लिए आगे आई हैं।
महोत्सव में भारत से संत महात्मा, प्रशासनिक अधिकारी, प्रोफेसर, गीता के शोधार्थी व समाज के प्रबुद्धजनों सहित 100 लोगों का डेलिगेट भाग लेगा। कनाडा के गीता की गूंज पैदा करने के लिए यह आयोजन 16 से 18 सितंबर तक दो अलग-अलग शहरों में होगा, जिसमें कनाडा सरकार का भी भरपूर सहयोग रहेगा।
महोत्सव की खास बात यह रहेगी कि कनाडा में बसे एक-एक भारतीय को इसके लिए आमंत्रित किया जाएगा, ताकि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर पांच हजार वर्ष पूर्व महाभारत युद्ध के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए गीता के संदेश को कनाडा के जन-जन तक पहुंचाया जा सके। यह आयोजन कनाडा की राजधानी टोरांटो के अलावा ओटावा व ब्रैंपटन में से किसी एक शहर में होगा।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने पिछले माह की कनाडा का दौरा किया था। यहां उन्होंने कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के साथ बैठक कर विचार विमर्श किया। इस दौरान बहुत सी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इस महोत्सव को सफल बनाने के लिए बढ़-चढ़कर आगे आने की बात कही। इस दौरान कार्यक्रमों को लेकर संभावित रूपरेखा भी बनाई।
विदेश में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाने का सिलसिला सबसे पहले 2019 में मॉरिशियस से शुरू हुआ था। यहां पर 2019 में 12 से 17 फरवरी तक महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मॉरिशियस के राष्ट्रपति सहित सभी शहरों से लोगों ने शिरकत की थी। इसके बाद 2019 में ही लंदन में बड़े स्तर पर महोत्सव मनाया गया।
यह तीन दिवसीय आयोजन लंदन के ब्रिटिश पार्लियामेंट के एटली हाल में हुआ था। जिसमें भारत से 150 प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया था। इस महोत्सव में दुनिया की कई बड़ी हस्तियां भी पहुंची। इसके बाद मार्च 2020 में महोत्सव ऑस्ट्रेलिया में मनाया जाना था, जिसके लिए वहां के शहर सिडनी में सभी तैयारियों पूरी हो चुकी थी। 17 मार्च को भारत के डेलिगेट ने रवाना होना था, लेकिन कोरोना के कारण 14 मार्च को लॉकडाउन लग गया, जिस कारण महोत्सव नहीं हो पाया।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि कनाडा में महोत्सव के आयोजन की तारीख फाइनल हो चुकी है। अब जैसे ही सरकार के आदेश आएंगे वहां जाकर आयोजन किन जगह पर होगा यह फाइनल कर दिया जाएगा। इसके लिए तीन लोगों का डेलिगेट यहां से जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विजन गीता का उपदेश विश्व के कौन-कौन तक पहुंचाना है, इसी के मद्देनजर गीता जयंती को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाकर इसे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का नाम दिया गया। विदेश में गीता जयंती मनाना एक बड़ा कारण वहां बसे भारतीयों को संस्कृति से जोड़े रखना है।
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 19 नवंबर से 06 दिसंबर को मनाया जाएगा। इस बार भी महोत्सव का आयोजन भव्य तरीके से होगा। इस बार के खास आयोजन में से एक मुरारी बापू की कथा रहेगी। कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर 31 साल बार मुरारी बापू कथा के लिए पधारेंगे। यह कथा ब्रह्मसरोवर स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में 19 नवंबर से 27 नवंबर तक चलेगी, जिसका आयोजन जीओ गीता संस्था द्वारा कराया जाएगा।