कुरुक्षेत्र। अंकुश के शव को नहर से निकालते गोताखोर प्रगट सिंह। संवाद
कुरुक्षेत्र। चार दिन पहले पड़ोसी गांव की युवती सिमरन के साथ भाखड़ा नहर में छलांग लगाने वाले दुनिया माजरा निवासी अंकुश का शव मंगलवार दोपहर करीब एक बजे गामड़ी के पास नहर में मिला। गामड़ी के दुर्गम रास्ते के कारण एंबुलेंस वहां नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते शव को नहर में दो किलोमीटर बचगांव पुल के पास लाया गया और वहां से बाहर निकाला गया।
शव मिलने की सूचना पर झांसा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। परिजनों ने शव की पहचान अंकुश के रूप में की, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के शवगृह भेज दिया। अंकुश की तलाश में समाजसेवी गोताखोर प्रगट सिंह की आठ टीमें और परिजन तीन अलग-अलग पुलों पर निगरानी कर रहे थे। पुलिस की ईवीआर और अन्य टीमें भी नहर किनारे गश्त कर रही थीं।
चार दिन पहले अंकुश को पड़ोसी गांव की युवती सिमरन ने झांसा पुल के पास बुलाया था। वहां दोनों के बीच किसी बात पर कहासुनी हुई, जिसके बाद सिमरन ने नहर में छलांग लगा दी। उसे बचाने के लिए अंकुश भी नहर में कूद गया था। सिमरन को कुछ समय बाद नहर से निकाल लिया गया था लेकिन उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। अंकुश का शव चार दिन बाद मंगलवार को बरामद हुआ। झांसा थाना प्रभारी गुलाब सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की अभी हर पहलू से गहन जांच की जा रही है।
गैस बनने पर ही पानी की सतह पर आया शव
फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि पानी में डूबे शव में गैस बनने पर ही वह सतह पर आता है। गैस बनने की प्रक्रिया पानी के तापमान पर निर्भर करती है। गर्मी में शव में 48 से 72 घंटों में गैस बन जाती है, जबकि सर्दी में यह समय बढ़ जाता है। यही कारण है कि अंकुश के शव को खोजने में चार दिन लगे।
कुरुक्षेत्र। अंकुश के शव को नहर से निकालते गोताखोर प्रगट सिंह। संवाद