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Kurukshetra News: पर्यटकों को पहली बार वैदिक शिक्षा पद्धति का मिलेगा ज्ञान

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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में गुरुकुल शिक्षा पद्धति पर अधारित प्रदर्शनी। विज्ञप्त
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहली बार पर्यटकों को वैदिक शिक्षा पद्धति, विज्ञान और आयुष पद्धति का ज्ञान मिलेगा। इस महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को विद्या शोध संस्थान की तरफ से गुरुकुल शिक्षा पद्धति का पाठ पढ़ाने के लिए पहली बार एक मंच सजाया है। इस मंच पर प्राचीन कला पर आधारित 16 से ज्यादा स्टॉल तैयार किए गए हैं। इन स्टॉलों में प्राचीन काल में शून्य से 100 वर्ष तक के आयु वर्ग के लोगों की दिनचर्या को अनोखे अंदाज में दिखाने का प्रयास किया गया है।
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शोध संस्थान के संचालक स्वामी संपूर्णानंद स्वयं गुरुकुल शिक्षा पद्धति का ज्ञान देने के लिए महोत्सव में पहुंचे हैं। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहली बार दक्षिण दिशा में वीवीआईपी घाट पर विद्या शोध संस्थान की तरफ से लोगों को गुरुकुल शिक्षा पद्धति और प्राचीन आयुष पद्धति का ज्ञान देने के लिए स्टॉल लगाए गए हैं। इन सभी स्टॉलों की प्राचीन समय के हिसाब से साज-सज्जा भी की गई है और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। इस वीवीआईपी घाट के आगे से गुजरने वाले हर व्यक्ति के पांव सहजता से रुक जाते हैं और इन स्टॉलों का अवलोकन करके प्राचीन गुरुकुल पद्धति से अपने ज्ञान में वृद्धि करते हैं।
संपूर्णानंद ने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से 0 से 100 वर्ष तक की आयु तक के जीवन को विभिन्न भागों में बांटकर प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही समाज के उत्थान के लिए गुरुकुल में दी जाने वाली शिक्षा पद्धति को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में समाज में संस्कार विलुप्त होते जा रहे हैं।

कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में गुरुकुल शिक्षा पद्धति पर अधारित प्रदर्शनी। विज्ञप्त

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