सेक्टर 17 की मार्केट में सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर अचानक से खंभे पर लगे बिजली के दो मीटर और लटक रही तारों में आग लग गई। इससे पहले एक जोरदार धमाका भी हुआ। धमाके की आवाज सुनते ही दुकानों व कोचिंग सेटरों से लोग बाहर आए। भयंकर आग को देख सेक्टर में अफरा तफरी मच गई और लोग बिजली की तार के नीचे खड़े वाहनों को साइड करने में लग गए। मीटर धू-धू कर जल रहा था और बिजली की तार पर भी आग बढ़ती ही जा रही थी। बीमा जंक्शन के सामने लगे बिजली के मीटर में लगी आग पर काबू पाने के लिए दुकानदारों ने बाल्टी भरकर मिट्टी डाली, वहीं सूझबूझ दिखाते हुए पूर्व सूबेदार रविंद्र कौशिक अग्निशमन यंत्र लेकर पहुंचे और तारों में लगी आग को बुझाया। इस तरह एक बड़ा हादसा होने से टल गया। मीटर व बिजली की तारों में आग लगने के कारण सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक बिजली गुल रही। इस कारण सेक्टरवासियों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ा। बिजली निगम ने आग लगने का कारण गर्मी में ओवरलोड के कारण शार्ट-सर्किट होना बताया।
सेक्टर 17 की शिक्षण संस्थान वाली मार्केट में रोजाना काफी संख्या में विद्यार्थी आते हैं। इसके अलावा यहां कई दफ्तर और दुकानें भी हैं। हादसे के समय सेक्टर की पार्किंग व घटनास्थल के आसपास कई वाहन खड़े थे। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। आग पर काबू पाने वाले पूर्व सूबेदार रविंद्र कौशिक ने बताया कि सभी एससीओ पर अग्निशमन यंत्र तो मौजूद हैं, लेकिन कोई भी इसे चलाना नहीं जानता। इसी तरह के किसी हादसे के होने पर ये यंत्र धरे के धरे रह जाते हैं। उनका कहना है कि बहुत जल्द वे मार्केट व आसपास के लोगों के लिए आपातकालीन अग्निशमन यंत्र चलाने की ट्रेनिंग देने वाले हैं ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी गलतियां न दोहराई जाएं। गनीमत रही कि उस समय खंभे के आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसकी वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया।