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एंबुलेंस चलाने के लिए ड्यूटी लगाने पर रोडवेज चालकों में रोष

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कुरुक्षेत्र। कोरोना के कारण बिगड़ते हालात में एंबुलेंस चलाने के लिए ड्यूटी लगाने पर रोडवेज चालक मुखर हो गए हैं। वीरवार को बस चालकों ने जीएम के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि रोडवेज द्वारा मनमर्जी से उनकी ड्यूटी लगाई गई है। इसमें वरिष्ठ कर्मचारी या अन्य किसी तरह का कोई मापदंड निर्धारित नहीं किया गया। एक आरोप यह भी लगाया कि ड्यूटी तो लगा दी गई है, लेकिन उनकी सुरक्षा का ख्याल नहीं रखा गया। चालकों ने मांग की है कि किसी मापदंड पर चालकों की ड्यूटी लगाई जाए। वरिष्ठ चालकों की बजाय जिन्हें हाल फिलहाल में ही ज्वाइन किया है, उन्हें प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि नौजवानों की इम्यूनिटी पावर अधिक होती है। इसके साथ ही यह मांग भी की है कि कर्मचारियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। वहीं रोडवेज प्रशासन का कहना है कि चालकों से दो दिन पहले इच्छानुसार आवेदन मांगे गए थे, जिस पर मात्र पांच नाम ही सामने आए थे।
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प्रदर्शन से पहले बस चालकों ने नया बस अड्डा परिसर में एक बैठक की, जिसके बाद रोडवेज महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपा गया। रोडवेज एससी कर्मचारी संघर्ष समिति इकाई कुरुक्षेत्र के प्रधान राज कपूर ने बताया कि एंबुलेंस चलाने के लिए रोडवेज चालकों की ड्यूटी मनमाने तरीके से लगाई गई है। उनका कहना है कि जारी लिस्ट में कई वरिष्ठ चालकों के भी नाम हैं, जबकि वरिष्ठ चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उनकी ड्यूटी नहीं लगानी चाहिए। बता दें कि बढ़ते संक्रमण के चलते राज्य परिवहन की ओर से एंबुलेंस चलाने के लिए रोडवेज कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के आदेश जारी किए गए हैं, जिसके अनुसार कुरुक्षेत्र डिपो से 35 चालकों के नाम मांगे गए हैं। कुरुक्षेत्र जीएम द्वारा पांच जनवरी को इनके नाम की लिस्ट जारी की गई। इनमें से 26 चालकों को कुरुक्षेत्र व नौ चालकों को अंबाला तैनात किया गया है। सरकार के इस फैसले के विरोध में चालकों में रोष व्याप्त है। इसके विरोध में रोडवेज चालकों ने वीरवार को नए बस अड्डे पर बैठक की व जीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
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पहले मांगे गए थे नाम: अशोक मुंजाल, फोटो-10
कुरुक्षेत्र डिपो के महाप्रबंधक अशोक मुंजाल ने बताया कि एंबुलेंस पर चालकों की ड्यूटी लगाने के लिए मंगलवार को सभी चालकों से नाम मांगे गए थे, लेकिन मात्र पांच चालकों के ही नाम आए। इसके बाद विभाग की ओर से बचे हुए अन्य नाम चुने गए। कुछ चालकों ने ड्यूटी न लगाए जाने की मांग की है।
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