नशे में धुत एक बस चालक ने 175 किलोमीटर वाहन चलाकर पिहोवा पहुंचा। इस दौरान उसने न सिर्फ अपनी बल्कि यात्रियों की जान भी खतरे में डाली। यही नहीं पिहोवा पहुंचने पर उसने फिर शराब पीनी शुरू कर दी। यह देख परिचालक ने उसे मना किया तो चालक झगड़ने को तैयार हो गया। इस पर कुछ कर्मियों ने इसकी जानकारी बस अड्डा इंचार्ज को दी। इसके बाद दूसरी बस से यात्रियों को रवाना किया गया।
वीरवार की सुबह 7 बजे किलोमीटर स्कीम की एक बस को तोशाम बस स्टैंड से चंडीगढ़ के लिए रवाना किया गया था। इस बस में 60-70 यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि बस का चालक तोशाम से ही शराब पीकर बस चला रहा था। यात्रियों के मुताबिक चालक नशे में ही किसी तरह बस को पिहोवा बस स्टैंड तक ले आया था। करीब सवा 11 बजे यह बस पिहोवा बस स्टैंड पर पहुंची थी, जिसे यहां करीब आधा घंटा रुकना था ताकि यात्री खाना-पीना खा सकें। इस दौरान बस चालक बाथरूम जाने का बहाना बनाकर फिर शराब पीने चला गया। आधा घंटा बीत जाने के बाद भी वह वापस नहीं लौटा तो परिचालक ने उसे ढूंढने की कोशिश की और उसे फोन किया, मगर उसका कहीं कोई पता नहीं चला सका। आधे घंटे के बाद जब वह वापस लौटा तो शराब में लड़खड़ा रहा था। चालक को नशे में धुत देखकर परिचालक ने उसे बस चलाने से मना कर दिया। परिचालक के मना करने के बाद वह परिचालक से झगड़ा करना लगा। इस दौरान यात्री भी डरकर बस से नीचे उतरने लगे। तभी बस स्टैंड पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने मामले की सूचना बस अड्डा इंचार्ज व पुलिस को दी। बस अड्डा इंचार्ज ने बस चालक को नशे की हालत में देखकर अन्य बस का इंतजाम करके यात्रियों को परिचालक के साथ रवाना किया। जीएम रोडवेज कुरुक्षेत्र अशोक मुंजाल ने कहा कि वह इस मामले में भिवानी महाप्रबंधक को कार्रवाई के लिए लिखेंगे।
कार्रवाई की करेंगे सिफारिश: सुरेंद्र कुमार
बस अड्डा इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंच गए थे। चालक ने खूब शराब पी हुई थी। उन्होंने पिहोवा बस अड्डे से दूसरी बस का इंतजाम करके यात्रियों को चंडीगढ़ के लिए रवाना किया। वह भिवानी महाप्रबंधक से मामले की शिकायत करके कार्रवाई करने की सिफारिश करेंगे।
सरकार तय करे चालक रखने के मापदंड
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्क्स यूनियन प्रदेश प्रेस प्रवक्ता बलदेव सिंह मामूमाजरा ने बताया कि यूनियन की ओर से सरकार व उच्चाधिकारियों को किमी स्कीम और सोसायटी बस पर चालक तैनात करने के मापदंड तय करने को लेकर लिखा हुआ है। अगर बिना मापदंड के चालक की तैनाती होगी तो उसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ेगा। वहीं किमी स्कीम बस पर अगर कोई घटना होती है तो उससे पूरा रोडवेज विभाग बदनाम होता है। मांग है कि सरकार तुरंत प्रभाव से नियम व मापदंड तय करे।