संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अमर उजाला फाउंडेशन व सर्व समाज कल्याण सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को 177वें रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर कुरुक्षेत्र नर्सिंग होम स्थित पार्थ ब्लड सेंटर में लगाया गया। शिविर में मुख्यातिथि के रूप में डीपीएस स्कूल के प्राचार्य रविंद्र सिंह व एमके मौदगिल रहे।
प्राचार्य रविंद्र सिंह ने शिविर का शुभारंभ किया। मौदगिल ने रक्तदाता को बैज लगाकर सम्मानित किया। रविंद्र सिंह ने कहा कि रक्तदान करना पुण्य का कार्य है। रक्तदान असंख्य लोगों को नया जीवन प्रदान करता है। संसार में रक्त का कोई अन्य विकल्प नहीं है। इसलिए किसी एक मनुष्य में रक्त की पूर्ति को दूसरे मनुष्य द्वारा किए गए रक्तदान द्वारा ही पूरा किया जा सकता है। रक्तदान करने से किसी की जान बचाई जा सकती है। रामचंद्र ने रक्तदाताओं का आभार जताया।
शिविर की अध्यक्षता समाजसेवी राकेश मलिक ने की। शिविर में कुरुक्षेत्र नर्सिंग होम स्थित पार्थ ब्लड सेंटर, कुरुक्षेत्र के तकनीकी सुपरवाइजर संजीव वर्मा व उनकी टीम के सदस्यों ने रक्त एकत्रित किया। इस दौरान 12 लोगों ने रक्तदान किया। शिविर में रामेश्वर सैनी, तरुण वधवा, सुखविंद्र सिंह, टोनी रोहिल्ला मौजूद रहे। इस दौरान राकेश कुमार, शशांक, सुरेश कुमार, दीपक, राकेश मलिक, अजय, साहिल, रिशु, प्रदीप कुमार, अंकित व उमेश गर्ग ने रक्तदान किया।
छठी बार रक्तदान करते समय प्रदीप कुमार ने कहा कि यदि उनके रक्त देने से किसी की जान बच सकती है तो उन्हें बेहद खुशी होगी। वे बाकी लोगों से भी अपील करेंगे कि ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करें ताकि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को रक्त के लिए भटकना न पड़े।
पांचवीं बार रक्तदान करने वाले साहिल ने बताया कि रक्तदान करने से किसी अनजान की भी जान बचाई जा सकती है। यदि हर व्यक्ति तीन महीने में एक बार रक्तदान करें, तो किसी की जान रक्त की कमी में नहीं जाएगी। विशेष अवसर पर लोग रक्तदान जरूर करें।
महेश गर्ग ने कहा कि रक्त को किसी फैक्टरी में तैयार नहीं किया जा सकता। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग रक्तदान करें। सड़कों पर रक्त बहाने की बजाय रक्तदान शिविर में दिया जाए तो समाज के काम आ सकता है।
राकेश कुमार ने बताया कि आज के समय में भी लोगों को रक्तदान के महत्व का नहीं पता है। लोगों को इसके संबंध में जागरूक किया जाना चाहिए। कुछ लोगों को भ्रम है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है, जबकि ऐसा नहीं है।
शंशाक ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है और कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिलता है। हर तीन महीने में एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
रक्तदाता दीपक ने कहा कि जब भी मौका मिले रक्तदान जरूर करें। रक्तदान करना सबसे बड़ा पुण्य का काम है। रक्तदान करके उन्हें गर्व की अनुभूति होती है। वह पांच बार रक्तदान कर चुके हैं। इससे शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।
रिशु ने बताया कि उन्होंने पहली बार रक्तदान किया है। रक्तदान करके उन्हें काफी अच्छा महसूस हो रहा है। उनका मानना है कि व्यस्ततम जीवन में से समय निकालकर हर तीन महीने में एक बार रक्तदान करने के लिए अवश्य जाएं।
सुरेश कुमार का कहना है कि तीन महीने में एक बार रक्तदान अवश्य करें। रक्तदान करने के लिए किसी भी व्यक्ति में कम से कम 12 ग्राम खून होना आवश्यक है। रक्तदान के कुछ समय बाद ही शरीर में खून पूरा हो जाता है।
राकेश मलिक ने बताया कि वह 17 बार रक्तदान कर चुके हैं। जब भी मौका मिलता है या कहीं कोई रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है तो वह रक्तदान करने अवश्य जाते हैं। उनका मानना है कि रक्तदान करके समाज की सेवा की जा सकती है।
अजय रोहिल्ला ने कहा कि सभी को रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने छठी बार रक्तदान किया है। वे अपने सभी दोस्तों को भी रक्तदान करने के लिए हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। रक्तदान से किसी अनजान की जान बचाई जा सकती है।