Kurukshetra: जिला पुलिस ने मनाया पुलिस स्मृति दिवस एवं फ्लैग डे, शहीद जवानों को दी गई श्रद्धाजंलि
Sat, 21 Oct 2023 12:28 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
सार
पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र सुरेंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि शहीद हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत हैं, युवा पीढी को शहीदों की जीवनी से प्रेरणा लेने की जरुरत है। शहीदों के जीवन अध्ययन से युवा पीढी में देश प्रेम की भावना का जन्म होता है। देश के प्रति समर्पण की भावना से ही देश को उंचाईयों पर ले जाया जा सकता है।
कुरुक्षेत्र जिला पुलिस द्वारा 31 अक्टूबर तक जिला में पुलिस स्मृति दिवस एवं पुलिस फ्लैग डे मनाया जा रहा है। इसी के चलते आज शनिवार को पुलिस लाईन स्थित शहीद स्मारक पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने पुलिस ने शहीद स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धाजंलि दी। सलामी गार्द द्वारा शहीद जवानों को सलामी दी गई। पुलिस जवानों द्वारा शहीदों की याद में दो मिनट का मौन धारण किया गया।
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शहीदों को नमन करते हुए राष्ट्रीय ध्वज व हरियाणा पुलिस के ध्वज को आधा झुकाकर शहीदों को श्रद्धाजंलि दी गई। जिला पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने परेड में भाग लिया तथा शहीदों को याद कर उन्हें श्रद्धाजंलि दी। इस अवसर पर अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाते हुए अपने प्राणों की बलि देने वाले पुलिस के शहीद सिपाही गुरमेज सिंह की पत्नी अमरजीत कौर व शहीद हवलदार करनैल सिंह की पत्नी सुरेन्द्र कौर को शाल भेंट सम्मानित किया गया । उप पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि जिला पुलिस द्वारा 31 अक्टूबर तक पुलिस स्मृति दिवस एवं पुलिस फ्लैग डे के रुप में मनाया जा रहा है।
शहीद हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत : एसपी
पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र सुरेंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि शहीद हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत हैं, युवा पीढी को शहीदों की जीवनी से प्रेरणा लेने की जरुरत है। शहीदों के जीवन अध्ययन से युवा पीढी में देश प्रेम की भावना का जन्म होता है। देश के प्रति समर्पण की भावना से ही देश को उंचाईयों पर ले जाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से शहीदों की याद में 21 अक्तूबर को ‘‘पुलिस स्मरण दिवस” के रूप में मनाया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हमारे बहादुर अर्ध सैनिक बल और पुलिस के उन शहीद जवानों को याद किया गया जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी ।
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सीआरपीएफ के शहीद जवानों की याद में मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
21 अक्टूबर को प्रत्येक वर्ष पुलिस स्मृति दिवस के रुप में मनाया जाता है। पूरे देश में पुलिस स्मरण दिवस मनाने के महत्व के बारे में सीआरपीएफ की एक टुकड़ी की बहादुरी का एक किस्सा है। आज से 64 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 में लद्दाख में सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन की एक कम्पनी को भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा के लिए लद्दाख के ‘हाट-स्प्रिंग‘ में तैनात किया गया था। कम्पनी को टुकड़ियों में बांटकर चौकसी करने को कहा गया।
जब सीआरपीएफ बल के 21 जवानों का गश्ती दल ‘हाट-स्प्रिंग‘ में गश्त कर रहा था तभी चीनी फौज के एक बहुत बड़े दस्ते ने इस गश्ती टुकड़ी पर घात लगाकर आक्रमण कर दिया। तब इस बल के मात्र 21 जवानों ने चीनी आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया। मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ते हुए 10 जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। तभी से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के उन शहीद जवानों के बलिदान की याद में हर वर्ष देश के सभी राज्यों की पुलिस व अर्धसैनिक बलों द्वारा 21 अक्तूबर को ‘‘पुलिस स्मरण दिवस” के रूप में मनाया जाता है।