फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धर्मनगरी में बढ़ रही साइबर ठगी, 50 दिनों में ही 31 हुए शिकार

विज्ञापन
विज्ञापन
धर्मनगरी में ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। नए-नए तरीकों से साइबर अपराधी उपभोक्ताओं के खाते खाली कर रहे हैं। स्थिति यह है कि पिछले 50 दिनों में ही 31 उपभोक्ता ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए हैं। किसी को वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण कराने के नाम पर झांसा दिया गया तो किसी को गूगल-पे, फोन-पे और पेटीएम के जरिए पैसे भेजने का लालच देकर चूना लगाया गया। यही नहीं सबसे अधिक ठगी के मामले कस्टमर केयर के माध्यम में हुए हैं। इसके तहत ठगों ने कस्टमर केयर के नाम से अपने मोबाइल नंबर गूगल पर अपलोड कर रखे हैं, जिससे आसानी से उपभोक्ता इनका शिकार हो जाते हैं।
विज्ञापन

थानों में दर्ज शिकायतों के अनुसार जुलाई माह में ऑनलाइन ठगी के 15 तथा 20 अगस्त तक 16 मामले सामने आए हैं। इस संबंध में डीएसपी सुभाष चंद्र ने बताया कि ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जनता को जागरूक और सतर्क रहना होगा। पुलिस शिकायत मिलते ही केस दर्ज करके जांच शुरू करती है। जनता से भी अपील है कि किसी भी प्रलोभन में नहीं आकर अपने अकाउंट से संबंधित जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। कोई भी अनजान लिंक ओपन न करें तथा इंटरनेट पर मौजूद कस्टमर केयर नंबर से जानकारी लेने की बजाय सीधा अपने बैंक से संपर्क करें।
केयूके थाना में दर्ज शिकायत में 20 अगस्त को दीपक शर्मा वासी शांतिनगर ने कहा कि उसके पास आरबीएल बैंक का क्रेडिट कार्ड है। दोपहर करीब 2 बजे उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। आरोपी ने बातों में उलझाकर क्रेडिट कार्ड की जानकारी प्राप्त करके उसके क्रेडिट कार्ड से 41 हजार 410 रुपये ट्रांसफर कर लिए, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान है।
विज्ञापन

सिटी थाना थानेसर में दर्ज शिकायत में विक्रम सिंह हाल वासी कुरुक्षेत्र ने कहा कि वह कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल में डॉक्टर के पद पर कार्यरत है। बुधवार शाम करीब साढ़े 4 बजे उन्होंने यूपीआई एक्टिव कराने के लिए पंजाब नेशनल बैंक के कस्टमर केयर की वेबसाइट से नंबर लेकर कॉल की थी। कस्टमर केयर के निर्देश पर उसने अपना अकाउंट नंबर, एटीएम नंबर व एटीएम पिन जैसे ही भरा उसके अकाउंट से 98 हजार रुपये कट गए, जबकि उसने ओटीपी नंबर व सीवीवी नंबर शेयर नहीं किया था।
बाबैन पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में राजेश कुमार वासी जोगी माजरा ने कहा कि उसे अपना एचडीएफसी का क्रेडिट कार्ड बंद कराना था। इसलिए उसने एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर को एक अगस्त को सुबह करीब 11:30 बजे कॉल की, जिसने उसे क्रेडिट कार्ड विभाग में बात करने के लिए कहा था। तब उसने गूगल पर सर्च करके मिले फोन नंबर पर कॉल करके कार्ड बंद करने की मांग की थी। इस पर आरोपी व्यक्ति ने उससे क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी ले ली और उसके क्रेडिट कार्ड से 39,990 रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें