कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को उत्साह और उल्लास के साथ हुआ। पहले ही दिन भारी संख्या में पर्यटकों ने पहुंचकर इस पावन महोत्सव को अपनी उपस्थिति से खास बना दिया। सुबह होते ही शहर की सड़कों और महोत्सव स्थल की ओर बढ़ते कदमों ने बता दिया कि यह आयोजन सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम है। स्कूली बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक, हर वर्ग के लोगों ने यहां पहुंचकर संस्कृति और अध्यात्म का अनुभव लिया। सरस और शिल्प मेले, मेला ग्राउंड और आसपास के क्षेत्रों में देर रात तक चहल-पहल बनी रही। महोत्सव के पहले दिन ही जिले भर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला
महोत्सव में देशभर से पहुंचे कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला, संगीत, नृत्य और वेशभूषा के माध्यम से विविध संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन किया। हर प्रस्तुति में कला, परंपरा और रंगों का ऐसा मेल देखने को मिला कि दर्शक देर शाम तक तालियों से उत्साह बढ़ाते रहे। शिल्प मेले में भी देश के विभिन्न कोनों से आए शिल्पकारों ने अपनी कलाकृतियों और पारंपरिक हस्तशिल्प की दुकानों को सजाया। लकड़ी, मिट्टी, कपड़े, धातु और बांस की बनी चीजों ने आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। कई शिल्पकार पहले दिन ही पहुंचे और दुकानें सजाने में व्यस्त दिखाई दिए।
आज उमड़ेगी अधिक भीड़
पहले दिन की भीड़ ने संकेत दिया कि रविवार को पर्यटकों का सैलाब और बड़ा होगा। प्रशासन और आयोजकों ने सुरक्षा, पार्किंग, व्यवस्था तथा आवागमन को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। पर्यटकों के लिए सूचना केंद्र, चिकित्सा सहायता सहित अन्य व्यवस्था की गई हैं, ताकि महोत्सव में कोई असुविधा न हो। रविवार के चलते महोत्सव में स्कूली बच्चे ओर अधिक संख्या में पहुंचने का अनुमान है।