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दादी-पोती के शवों का एक साथ संस्कार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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इस्माईलाबाद। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही दादी-पोती के शव गांव पहुंचे तो हर ग्रामवासी की आंख नम हो गई। अंतिम विदाई देने व परिजनों को सांत्वना देने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। उसके बाद गमगीन माहौल में गांव झांसा की पूर्व पंच चांद रानी का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं उसकी तीन वर्षीय पोती गुणिका को भी अंतिम विदाई दी गई। वहीं कमलेश रानी के शव का अंतिम संस्कार नरवाना में किया गया।
चांद रानी, उसकी पोती गुणिका और ननद कमलेश रानी के शवों का एलएनजेपी अस्पताल में बुधवार को पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकों ने शवों को परिजनों के हवाले कर दिया। यहां से कमलेश रानी के शव को उनके परिजन नरवाना ले गए और चांद रानी और उसकी पोती के शव को गांव झांसा ले जाया गया। यहां परिवार सांत्वना देने गांव सहित आसपास के गांव के लोग भी इकट्ठा हुए थे।
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उल्लेखनीय है कि मंगलवार को चंद्र प्रकाश का परिवार कार में सवार होकर उसकी बेटी के ससुर की रस्म क्रिया में हिस्सा लेने अंबाला जा रहे थे। अभी वे घर से कुछ दूर ही निकले थे कि उनकी कार को ओवरटेक करते हुए एक बोलेरो ने साइड मार दी थी। इससे कार बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई थी।
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इस दुर्घटना में कार चालक विशांत उर्फ विशू समेेत उसकी ताई कमलेश (60), भाभी पूनम उर्फ पलक (32), भतीजा आदर्श (11) व सीमा (50) जख्मी हो गए थे। कुरुक्षेत्र के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। वहीं चांद रानी (60), कमलेश रानी (58), भतीजी गुणिका (3) की मौत हो गई थी।
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