कुरुक्षेत्र। एक सप्ताह के भीतर धर्मनगरी में दो अलग-अलग जगह हुई दोस्तों की हत्या से जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं एक के बाद एक हुई वारदात ने समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर एक दोस्त ही दोस्त का दुश्मन कैसे बन जाता है। पहली घटना में प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर दोस्त की हत्या की गई, जबकि दूसरे मामले में रविवार की रात मामूली विवाद के बाद कस्सी मारकर दोस्त की जान ली गई।
पांच अप्रैल को गांव चढूनी में संजीव की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि छह दिन बाद गांव संभालखी में कस्सी मारकर 45 वर्षीय पेट्रोल पंप कर्मी की हत्या कर दी गई। घटनाक्रम के अनुसार पांच अप्रैल को गांव चढ़ूनी वासी 30 वर्षीय संजीव का कत्ल उसके ही जिगरी दोस्त दीपक ने किया था। दीपक वासी धौलरा थाना रादौर (यमुनानगर) ने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। दीपक ने पहले कॉल करके संजीव को चढूनी अनाज मंडी बुलाया। यहां उसके साथ बैठकर शराब पी, फिर उसके बाद उसी शराब की बोतल और कार से पान्ना से हमलाकर संजीव की हत्या कर दी। पुलिस की जांच में सामने आया कि दीपक का किसी युवती से प्रेम प्रसंग था, जिसका विरोध करने पर उसने दोस्त संजीव की हत्या कर दी। यह घटना अभी शहरवासी भूले भी नहीं थे कि रविवार देर रात गांव संभालखी में एक चौकीदार राजिंद्र ने अपने ही दोस्त पेट्रोल पंप कर्मी अमरजीत की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि खेत में दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद राजिंद्र ने खेत में पड़ी कस्सी से अमरजीत के सिर व मुंह पर वार कर दिया, जिससे अमरजीत की मौत हो गई। भले ही दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन एक के बाद एक हुई घटनाओं से कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े होना लाजिमी है।
बाइक तेज दौड़ाने से रोका तो कर दी थी 11वीं के छात्र की हत्या
12 मार्च को गांव गामड़ी जाटान में युवक ने अपने ही एक साथी के साथ मिलकर गांव के ही 11वीं में पढ़ाई कर रहे किशोर की हत्या कर दी थी। 16 वर्षीय अमित ने अपने पड़ोसी साहिल को गली में तेज गति से बाइक दौड़ाने के लिए मना किया था। इस बात को 26 फरवरी को अमित की साहिल के साथ कहासुनी हुई थी। इसके बाद रंजिशन साहिल ने अपने साथी नीरज के साथ मिलकर 12 मार्च को रात नौ बजे अमित की सुआ मारकर हत्या कर दी थी।