कुरुक्षेत्र। सरकार ने हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार दिया है। ऐसे में हमारा कर्तव्य बनता है कि हम बच्चों को उनके अधिकार से वंचित न करें और न ही शिक्षा के नाम पर बच्चों के अभिभावकों से अधिक शुल्क की वसूली करें। यह कहना है आयुक्त रेनु एस फुलिया का। उन्होंने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में अभिभावक एसोसिएशन व निजी स्कूल प्रबंधकों की सामूहिक बैठक ली।
आयुक्त ने अभिभावक एसोसिएशन के सदस्यों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि निजी स्कूल फॉर्म छह में दी जानकारी के अनुसार ही स्कूल फीस ले सकते हैं। कोरोना काल में फीस न जमा करा पाने वाले बच्चों का नाम स्कूल से न कटे और इस अवधि में शुल्क के लिए उच्चतम न्यायालय की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन हो। उन्होंने निर्देश दिए कि ऑफलाइन स्कूल में उपस्थित होने वाले छात्रों को ट्रांसपोर्ट सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कड़े लहजे में स्कूल प्रबंधक को कहा कि बिल्डिंग फंड, एनुअल चार्जेज और अन्य चार्जेज के नाम पर अभिभावकों से अवैध वसूली न करें।
उन्होंने कहा कि एडमिशन फीस भी सरकार की ओर से निर्धारित नियमों के तहत ही ली जाए और एडमिशन के समय अभिभावकों से लिए जाने वाले हर प्रकार के शुल्क की जानकारी उन्हें पारदर्शी तरीके से दी जाए। कहा कि यह भी जरूरी हैं कि सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार ही शुल्क लिया जाए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वह भी स्कूल प्रबंधन को जरूरी देय राशि समय से जमा कराएं। इस मौके पर उपायुक्त मुकुल कुमार, थानेसर एसडीएम नरेंद्र मलिक, उप जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक, अभिभावक एसोसिएशन के प्रधान जयपाल सैनी व अन्य सदस्य तथा विभिन्न स्कूलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।