धुंध के साथ शीतलहर कंपकंपी छुड़ाने लगी है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन सुबह धुंध छाई। इससे दृश्यता घटकर 10 से 15 मीटर रह गई। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। धुंध के चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है। अब अध्यापकों के लिए विद्यालय का समय सुबह 09:30 से दोपहर 02:30 बजे तक रहेगा, जबकि विद्यार्थियों के लिए स्कूल सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक संचालित किए जाएंगे। निदेशालय के इस फैसले का बच्चों के अभिभावकों ने स्वागत किया है।
ठंड ज्यादा होने के कारण लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। बाजार में सुबह के समय ठंड के कारण भीड़ कम नजर आई। शीतलहर चलने से लोग अलाव सेंकते हुए नजर आए। इस दौरान न्यूनतम तापमान छह डिग्री और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सर्दी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित हेल्थ सेंटर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष अनेजा ने कहा कि सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में जरूरी है कि सभी अपना ध्यान रखें। सुबह उठते ही एकदम कमरे से बाहर न निकलें। सिर लपेट कर ही बाहर निकलें। सुबह ठंड एकदम से लगती है, इसलिए बचाव करें। कहा कि बिस्तर के अंदर का तापमान और कमरे का तापमान एक समान नहीं होता है। इसलिए बिस्तर से एकदम निकलने से ठंड लग सकती है और जुकाम हो सकता है।