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लापरवाही: कोरोना की संभावित तीसरी लहर का नहीं डर, बस जाना है घर

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कोरोना फिर से अपने पैर तेजी से पसार रहा है, लेकिन लोगों को न अपनी जान की परवाह है और न नियमों का पालन करने की जरूरत समझ रहे हैं। बस वह अपनी मनमानी किए जा रहे हैं। चेहरे पर मास्क पहनना तो दूर सामाजिक दूरी का भी पालन करने में लोग परहेज कर रहे हैं।
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ऐसा ही नजारा देखने को मिली शहर के बस स्टेंड और रेलवे स्टेशन पर जहां पर लोग कोरोना के सभी नियम तोड़ते नजर आए, न मास्क पहना था और न ही सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा था। लोगों की यह मनमानी उनकी जान पर भारी पड़ सकती है इस बात को जानते हुए भी नियमाें का पालन न करना बहुत बड़ी लापरवाही दर्शाता है।
रविवार दोपहर नए बस अड्डे व रेलवे स्टेशन पर जाकर पड़ताल की गई तो अधिकतर बसों में सफर करने वाले लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं दिखा। कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने मास्क को सिर्फ नाम के लिए पहना था। आलम यह है कि कई तो चालक व परिचालक भी बगैर मास्क ही थे। कुछ माह पहले रोडवेज की ओर से एक कर्मचारी की ड्यूटी यात्रियों को कोविड की गाइडलाइन समझाने के लिए लगाई गई थी, लेकिन रविवार को ऐसा कोई कर्मचारी देखने को नहीं मिला।
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नए बस अड्डे से पिहोवा जाने के लिए 12 बजकर पांच मिनट पर निकली बस तकरीबन 50 सवारियों से भरी हुई थी। इनमें से किसी के चेहरे पर मास्क नहीं दिखा। महिलाएं मास्क लगाने की बजाय शॉल से मुंह ढकतीं नजर आईं।
कुरुक्षेत्र बस अड्डे से कैथल जाने के लिए 12 बजकर 10 मिनट पर निकली एक बस यात्रियों से भरी हुई थी। इस बस में अधिकतर लोगों ने मास्क नहीं लगा रखा था और सोशल डिस्टेंसिंग का तो कहीं नाम ही नहीं था। सभी सीटों पर यात्री बैठे थे व कम से कम 15 यात्री बस में खड़े होकर सफर कर रहे थे। 12 बजकर 15 मिनट पर यमुनानगर जाने के लिए बूथ पर खड़ी बस में करीब 30 सवारियां बैठी हुईं थी, जिनमें से एक-दो को छोड़कर किसी ने मास्क नहीं लगाया हुआ था। यहां तक की इस बस का परिचालक भी बगैर मास्क था।
कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन पर बने पूछताछ केंद्र पर लगी यात्रियों की लाइन में किसी ने मास्क नहीं पहना था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन किया जा रहा था। हालांकि कर्मचारी मास्क लगाए दिखाई दिए। 12 बजकर 02 मिनट पर प्लेटफार्म नंबर एक पर बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री न ही सोशल डिस्टेंस का पालन करते दिखे और न ही उन्होंने मास्क लगाया हुआ था। वहीं स्टेशन पर अधिकतर वेंडरों ने भी मास्क नहीं पहना था।
कुरुक्षेत्र से लाडवा की ओर जाने वाली बस में सफर कर रहे हरदीप ने बताया कि वह कुरुक्षेत्र में प्राइवेट नौकरी करता है, जिसके लिए रोजाना बस से आना जाना होता है। इस दौरान वह देखता है कि अधिकतर लोग न ही मास्क पहनते हैं और न ही सामाजिक दूरी रखते हैं। वह खुद जब भी घर से निकलते हैं तो मास्क जरूर पहना होता है।
अंबाला से आए अंकुश ने बताया कि मास्क पहनकर हम खुद का और दूसरों का बीमारी से बचाव कर सकते हैं। सभी को सार्वजनिक स्थलों पर मास्क जरूर पहनना चाहिए। परिवहन स्थलों पर लोगों की इस प्रकार की लापरवाही उन्हें खतरे में डाल सकती है।
कुरुक्षेत्र रोडवेज के महाप्रबंधक अशोक कुमार मुंजाल ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को मद्देनजर रखते हुए सभी चालक व परिचालकों को मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं ड्यूटी सेक्शन में थर्मल स्क्रीनिंग मशीन दी जा चुकी है जो सभी बसों में जाकर यात्रियों की जांच करेगी। इसके अलावा एक चालक को स्पेशल ड्यूटी पर लगाया गया है जो यात्रियों को कोविड गाइडलाइन के बारे में जागरूक करेगा व मास्क पहनने के लिए प्रेरित करेगा।
कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा जारी कोविड के सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। वहीं कर्मचारियों को भी सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। यात्रियों को इस बारे में लगातार जागरूक कर रहे हैं।
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