इन हालात में सड़कों पर बच्चे, बुजुर्ग व अन्य सड़कों पर आवाजाही कैसे करें, जब चप्पे चप्पे पर घायल होने का खतरा मंडरा रहा है। सड़कों पर तो हालात पहले ही खराब थे। अब शहर की छोटी-छोटी गलियों में भी स्थिति बिगड़ी हुई है। कैटल फ्री अभियान के बाद भी सड़कों पर बेसहारा गोवंश की भरमार है। ऐसा तब है जब जिले में 25 से ज्यादा गोशालाएं हैं। नगर परिषद के अधिकारी रोजाना बेसहारा गोवंश को गोशालाओं को पहुंचाने के दावे भी कर रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके शहर की शायद की कोई कॉलोनी या सड़क ऐसी होगी जहां 10 से कम संख्या में गोवंश नजर आ जाए। अधिकारियों के पास इन बेसहारा गोवंश का कोई आंकड़ा नहीं है। इन दिनों सिर्फ शहर के अंदर 200 के करीब बेसहारा गोवंश सड़कों, खाल प्लाटों, गलियों, कॉलोनियों व सेक्टरों में डेरा जमाए हुए हैं। कई जगह तो पार्कों में भी इनकी टोलियां दिन रात विचरण करती नजर आ रही हैं। नगर परिषद द्वारा हर बार कहा जाता है कि गोवंश को सड़क पर बेसहारा छोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन आज तक न तो किसी की पहचान की गई है और न कोई कार्रवाई हो पाई है। शहर के हालात ऐसे हैं कि रोजाना लोग जान जोखिम में डाल सड़कों और बाजारों से गुजर रहे हैं। अकेले गुलजारी नंदा मार्ग पर पिछले एक माह में इन गोवंश के कारण 10 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।
शहरवासी राजेश ने कहा कि अगर प्रशासन इस बेसहारा गोवंश को गोशाला नहीं पहुंचा सकता तो कम से कम इनके गले रिफ्लेक्टर ही डलवा दें। यदि पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर का पट्टा होगा तो रात को अंधेरे में वाहन चालक की दूर से इन पर नजर पड़ जाएगी, जिससे हादसों में कमी आएगी।
सचिन कौशिक ने बताया कि शहर की हर सड़क पर बेसहारा गोवंश घूम रहा है। जब भी वाहन लेकर सड़क पर निकलते हैं तो इनका खास ख्याल रखना पड़ता है, क्योंकि ये अचानक से वाहन के आगे आ जाते हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। नप अभियान चलाने की बात तो करती है, लेकिन उस अभियान का कोई फायदा नहीं होता।
शहरवासी सुनील ने कहा कि सड़कों की हालत पहले ही बहुत ज्यादा खराब है। ऐसे में उन पर बेसहारा गोवंश का डेरा खतरा और बड़ा देता है। इन गोवंश के कारण हर दिन कोई न कोई हादसा जरूर होता है, लेकिन बावजूद इसके अधिकारी गंभीरता नहीं दिखाते। इन गोवंश को गोशाला पहुंचाया जाना चाहिए और इन्हें बेसहारा छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर सिंह ने कहा कि ट्राली खराब होने के कारण अभियान रुक गया था। अब ट्राली ठीक हो गई है। अभियान फिर से शुरू कर दिया जाएगा। पिछले दिनों करीब सवा सौ बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशाला पहुंचाया गया है। नप की टीमें लगातार बेसहारा गोवंश को पकड़ रही हैं। जल्द ही शहर को कैटल फ्री कर दिया जाएगा।