बुलेट पर नगर पालिका शाहाबाद से ड्यूटी के बाद घर के लिए रवाना हुए दो कर्मचारियों की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। घटना शाहाबाद से 10 किलोमीटर दूर सढौरा मार्ग पर गांव उगाला के निकट हुई। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप चोटिल होने के बाद दोनों कर्मचारियों को मुलाना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि गांव सढौरा निवासी गौरव डेढ़ वर्ष पहले नगर पालिका शाहाबाद में ग्रुप-डी में भर्ती हुआ था और शाहाबाद स्टेशन माजरी निवासी राहुल पिछले छह माह से जेई दयानंद की देखरेख में अप्रेंटिस पर था।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को ड्यूटी के बाद गौरव जब सढौरा के लिए चलने लगा तो राहुल भी गौरव के साथ जाने के लिए तैयार हो गया, लेकिन घर जाते-जाते दोनों शाहाबाद में ही किसी काम से लेट हो गए और रात करीब साढे़ सात बजे वे बुलेट पर सवार होकर शाहाबाद से सढौरा के लिए चले, लेकिन शाहाबाद से मात्र 10 किलोमीटर दूर उगाला के पास मिट्टी से लद्दे डंपर चालक ने गौरव और राहुल की बुलेट को टक्कर मार दी, जिसमें दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। उधर, पुलिस ने आरोपी डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
नगरपालिका में शोक की लहर
इन दोनों कर्मचारियों की मौत से नगरपालिका में शोक की लहर है। नपा प्रधान बलदेव राज चावला, सचिव सुरेंद्र मलिक, जेई दयांनद, सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेंद्र मलिक, सुभाष चंद, गुरमीत सिंह, ओमपाल, कोमल, राकेश कुमार, कृष्ण कुमार, रमजान, मोनू, कुलजीत कौर, बलवान सिंह ने शोक व्यक्त किया।
कार्य के प्रति निष्ठावान थे गौरव और राहुल
उल्लेखनीय है कि इस दुनिया को अलविदा कह चुके गौरव और राहुल अपनी ड्यूटी के प्रति निष्ठावान थे। गौरव की ड्यूटी कंप्यूटर पर थी और शहर का हर व्यक्ति किसी भी काम की फीस जमा करवाने के लिए गौरव के पास ही पहुंचता था, इसलिए हर कोई गौरव से परिचित थे। वहीं, राहुल भी अपनी ड्यूटी को लेकर सदैव अलर्ट रहता था। दोनों ही कर्मचारी नगरपालिका में सबसे कम उम्र के थे और सभी सीनियर कर्मचारियों का रिगार्ड करते थे और तालमेल बनाकर चलते थे। इन दोनों की मौत का हर किसी कर्मचारी को दु:ख है।
कुरुक्षेत्र गौरव। फाइल फोटो।- फोटो : Kurukshetra