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पुलिस के लिए चुनौती बना बम धमाका

Sun, 29 May 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
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हरियाणा रोडवेज की चलती बस में ब्लास्ट करने वाले अपराधियों को लेकर पुलिस का तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दो दिन बीतने के बाद भी अब तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। आरोपियों को पकड़ने के लिए मधुबन में शनिवार को पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक भी हुई। जिसमें इस मामले का पटाक्षेप करने के लिए रणनीति बनाई गई। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी के बाद भी पुलिस को अब तक कोई कामयाबी नहीं मिली है। पानीपत ट्रेन में ब्लास्ट करने वाले अपराधियों का भी अब तक पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। ऐसे में महज 14 दिन में हुए इस दूसरे धमाके की पड़ताल एडीजीपी शत्रुजीत के नेतृत्व में गठित एसआईटी के सामने बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इधर सूत्रों के दावों पर यकीन करें तो एसआईटी समझौता ब्लास्ट के आरोपी अब्दुल करीब टुंडा से भी बात कर सकती है। हालांकि अधिकृत तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है। 
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गुरुवार को सोनीपत से चंडीगढ़ रवाना हुई रोडवेज की बस में कुरुक्षेत्र के पिपली में ब्लास्ट हुआ था। इस ब्लास्ट के बाद स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा की आईबी टीम और एनआईए की टीम भी जांच के लिए जुट गई हैं। एडीजीपी क्राइम शत्रुजीत सिंह कपूर के नेतृत्व में एसआईटी का भी गठन किया गया है, लेकिन पुलिस अब तक अपराधियों से दूर ही है। खास बात यह है कि 12 मई को पानीपत रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में धमाका करने वाले अपराधियों तक भी पुलिस अब तक नहीं पहुंच पाई है। 

छापेमारी के साथ नई रणनीति पर चर्चा 
सूत्रों ने बताया कि एसआईटी के इंचार्ज एडीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर के नेतृत्व में शनिवार को मधुबन में पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक हुई थी। इस बैठक में दशहत फैलाने वाले अपराधियों तक पहुुंचने के लिए रणनीति पर चर्चा हुई। एसआईटी के अलावा पुलिस की अलग-अलग टीमों ने इन तीन दिनों में कई जगह छोपेमारी की है। टीमें लगातार छापेमारी भी कर रही है। लेकिन अभी तक पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है जो जांच टीम के लिए चिंता का विषय है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में एसआईटी में शामिल अधिकारियों के अलावा एसपी कुरुक्षेत्र सिमरदीप सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी शामिल हुए थे। हालांकि किन-किन बिंदुओं पर चर्चा हुई यह सामने नहीं आया है। 
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सबूतों से भी नहीं लग रहा सुराग 
सूत्रों की मानें तो ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों को जो सुराग मिले थे। जिनमें विजिटिंग कार्ड्स, आईकार्ड सहित अन्य सामान शामिल था। इनसे फिलहाल कोई बड़ी मदद नहीं मिल पाई है। हालांकि पुलिस का दावा है अपराधियों तक पुलिस जल्द ही पहुंच जाएगी। पानीपत और कुरुक्षेत्र ब्लास्ट में समानता होने से यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि दोनों में से किसी एक घटना के अपराधी तक पता चल गया तो दोनों मामले सुलझ जाएंगे। 

चश्मदीद सवारियों को आना होगा आगे 
एसआईटी इंचार्ज एडीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कहा कि बस में बैठी सवारियां इस घटना की चश्मदीद हैं। बस में 20-25 सवारियां थी, लेकिन घायलों के अलावा अब तक कोई सामने नहीं आया है। एडीजीपी कपूर ने कहा कि खासकर सोनीपत और पानीपत से बैठी सवारियों को आगे आना चाहिए। वे सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र में से किसी भी एसपी से संपर्क कर सकते हैं। माना जा रहा है कि जो सवारियां सामने नहीं आई है, उनमें से किसी का भी बयान बड़ी मदद करने वाला साबित हो सकता है। इधर कुरुक्षेत्र एसपी सिमरदीप सिंह ने भी सुरक्षा के मद्देनजर लोगों से अपील की है कि किसी भी लावारिस वस्तु के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को फोन करें। ऐसी चीजों को हाथ नहीं लगाने की हिदायत भी दी है। 

टुंडा से भी हो सकता है पूछताछ
सूत्रों पर यकीन करें तो एसआईटी समझौता ब्लास्ट के आरोपी अब्दुल करीब टुंडा से भी पूछताछ कर सकती है। यह अंधेरे में तीर चलाने जैसा ही है, लेकिन मामले के खुलासे के लिए एसआईटी हर बिंदु पर गौर कर रही है। हालांकि अधिकृत तौर पर कोई भी अधिकारी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहा है। 
वर्जन
एसआईटी क्या करेगी? कैसे करेगी? ये नहीं बताया जा सकता। दरअसल यह एक ब्लाइंड केस है। जो सवारियां बस में थी वह चश्मदीद गवाह हैं। अभी इस मामले में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। सोनीपत से बैठी सवारियां सामने आएं। 
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-शत्रुजीत सिंह, एडीजीपी क्राइम हरियाणा और एसाआईटी इंचार्ज
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