पिहोवा। कोर्ट परिसर में मॉक ड्रिल के दौरान बस खोजता कर्मी। प्रवक्ता
पिहोवा। पिहोवा कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए पुलिस और बम डिस्पोजल स्क्वाड ने संयुक्त मॉकड्रिल की। इस दौरान कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाकर सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की गई, साथ ही किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा गया। मॉकड्रिल का नेतृत्व बम डिस्पोजल स्क्वाड अंबाला के प्रभारी हितेंद्र और थाना शहर पिहोवा प्रभारी सुनील वत्स ने किया।
पुलिस टीमों ने पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों की गहन जांच की। बम डिस्पोजल स्क्वाड ने आधुनिक उपकरणों की सहायता से परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावशीलता का परीक्षण किया। पुलिस प्रवक्ता नरेश सागवाल ने बताया कि इस प्रकार के सुरक्षा अभ्यास का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बनाए रखना और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करना है, इसके साथ ही विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। लोगों को भी किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए भविष्य में भी इस तरह की मॉकड्रिल और जांच अभियान जारी रहेंगे।