संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। मातृभूमि सेवा मिशन की ओर से भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के बलिदान दिवस पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के भावनात्मक व प्रेरणादायी प्रस्तुति दी। मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि सामाजिक क्रांति के प्रतीक शहीद भगत सिंह को भारत का हर युवा बहुत ही सम्मान की दृष्टि से देखता है।
उन्होंने भगत सिंह केवल क्रांतिकारी देशभक्त ही नहीं बल्कि एक अध्ययनशील विचारक, दार्शनिक, चिंतक, लेखक, पत्रकार भी थे। भगत सिंह ने एक ऐसी दुनिया की कल्पना की थी, जहां सभी व्यक्ति को एक समान समझा जाए। उन्होंने दृढ़ता से माना कि जब तक काले और गोरे, सभ्य और असभ्य, अमीर और गरीब, छूत-अछूत जैसे शब्द प्रचलित रहेंगे तब तक सार्वभौमिक भाईचारे की कोई गुंजाइश नहीं हो सकती है।
कहा कि भगत सिंह ने अपने अनेक लेखों व वक्तव्यों में साम्राज्यवाद के दमनकारी चरित्र के बारे में चर्चा की है। उनके अनुसार साम्राज्यवाद मनुष्य के हाथों मनुष्य के और राष्ट्र के हाथों राष्ट्र के शोषण का आधार है। साम्राज्यवादी अपने हितों को पूरा करने के लिए न सिर्फ न्यायालयों एवं कानूनों की अनदेखी करते हैं, बल्कि युद्ध तक की स्थिति उत्पन्न कर देते हैं। भगत सिंह के क्रांति संबंधित विचार आज भी प्रासंगिक हैं। भगत सिंह आधुनिक भारत के नवयुवकों के साहस के प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।