कुरुक्षेत्र। लंबित मांगों के संदर्भ में बुधवार को आशा कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन किया। साथ ही नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस प्रदर्शन की अगुवाई राज्य उपप्रधान रानी देवी व जिला प्रधान पिंकी ने की। सीटू के जिला संयोजक भीम सिंह सैनी व अनिल कुमार मुख्य के नेतृत्व में सिविल सर्जन को प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया। रानी देवी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा की। उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर बनकर कर कार्य किया। महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा की। उनके कार्य की सराहना पूरी दुनिया में की जा रही है। यही नहीं वर्ल्ड हेल्थ आग्रेनाइजेशन ने भारत में आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें ग्लोबल हेल्थ लीडर्स के अवार्ड से सम्मानित किया है।
दूसरी तरफ केंद्र और राज्य सरकार आशा कार्यकर्ताओं का शोषण कर रही है। सरकारें केवल कुछ प्रोत्साहन राशि देकर स्वास्थ्य विभाग के बुनियादी कार्य आशा कार्यकर्ताओं से करवा रही है। आशा कार्यकर्ताओं के साथ सरकार जो दो बार समझौता कर चुकी है उसका तुरंत नोटिफिकेशन जारी किया जाए। सभी सरकारी अस्पतालों में जनता के तमाम हिस्सों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। प्रदेश भर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करना तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। अगर सरकार इन मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो 21 जुलाई को आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आवास पर प्रदर्शन करेंगी और मांगे पूरी नहीं होने तक वहीं डटी रहेंगी।