ब्रह्मसरोवर पर देश के 19 राज्यों के 125 शिल्पकला पहुंचें हैं। इन शिल्पकारों में 22 राष्ट्रीय व 18 राज्य अवॉर्डी शिल्पकार शामिल हैं। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला (एनजेडसीसी) को शिल्पकारों को आमंत्रित करने की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। कलाकारों में हिमाचल से पांच, आसाम से पांच, बिहार से दो , उत्तराखंड से आठ, पांडिचेरी से एक, तमिलनाडु से दो, दिल्ली से सात, चंडीगढ़ से चार, मध्य प्रदेश से नौ, राजस्थान से नौ, वेस्ट बंगाल से 11, हरियाणा से 12, गोवा से दो, झारखंड से दो, छत्तीसगढ़ से तीन, पंजाब से 10, जम्मू कश्मीर से 12 और यूपी से 21 शिल्पकार शामिल हैं।
उपायुक्त मुकुल कुमार कहा कि इन शिल्पकारों में 21 शिल्पकार राष्ट्रीय अवॉर्डी, एक राष्ट्रीय प्रमाण पत्र से सम्मानित, 18 राज्य अवार्डी, दो संत कबीर अवॉर्डी, दो जिला अवॉर्डी, एक कला श्री अवॉर्डी सूरजकुंड शामिल है। इस वर्ष अकेले जम्मू कश्मीर से आठ अवॉर्डी, एक राज्य अवॉर्डी और एक संत कबीर अवॉर्डी शिल्पकार हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से नौ राष्ट्रीय अवॉर्डी, छह स्टेट अवॉर्डी और एक कला श्री अवॉर्ड से सम्मानित हैं। यह शिल्पकार हैंडलूम, टेक्सटाइल, कांस्य मेटल ज्वेलरी, कैन एंड बम्बू, साड़ी, सिल्क ड्रेस मेट, कलमकारी ड्रेस मेट, हैंड प्रिंटेड टेक्सटाइल, जैकेट-कोट, शॉल, बेड शीट, बेड कवर, फ्लोर कवरिंग, पैच वर्क, वुडन कारविंग, लेदर आर्ट, ज्वेलरी, टेरीकॉट पॉट, डॉल एंड टॉय, वुडन टॉय, वुडन एंड जरी, पेंटिंग, जयपुरी रजाई, नामदा, स्टोन कार्विंग, मीनाकारी ज्वैलरी, पैडी एंड स्ट्रेस क्राफ्ट, ड्राई फ्लावर, सोलापिट, पोएट्री एंड क्ले, पंजाबी जूती, फुलकारी, पश्मीना शॉल, कने शॉल, पेपर मच्ची, कावा एंड ड्राई फ्रूट, करुवा बूटी साड़ी, ब्लू आर्ट पोएट्री तैयार करते हैं।