संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। सरस्वती नदी की सफाई कराने के बाद प्रशासन गंदगी उठाई भूल गया। नदी ने निकाली गई जलकुंभी और गंदगी किनारों पर पड़ी है। बारिश होने पर गंदगी फिर से नदी में जा रही है। इससे लोगोें में रोष पनप रहा है। लोगों को कहना नदी के किनारे पड़ी जलकुंभी जहरीले जीवों का घर बन गई है।
मानसून से पूर्व प्रशासन की ओर से सरस्वती नदी की साफ-सफाई का कार्य कराया गया था। पहले चरण में सरस्वती तीर्थ के वाल्मीकि घाट से लेकर ब्रह्मयोनि तीर्थ तक नदी की सफाई कराई गई थी। उसके बाद ब्रह्मयोनि तीर्थ से गलेडवा रोड तक भी नदी से गंदगी निकाली गई। करीब सप्ताह भर चले इस अभियान के तहत मजदूरों ने नदी से जलकुंभी व अन्य गंदगी को निकाला था।
जलकुंभी और गंदगी को नदी के बाहर दोनों किनारों पर ही डाल दिया था। 10 दिन बीत जाने के बाद भी इस गंदगी को किनारे नहीं हटाया गया। सुबह-शाम नदी के पगडंडी पर सैर करने वाले लोगों का कहना है कि प्रशासन ने नदी से जलकुंभी व अन्य गंदगी को निकालकर सफाई कराई थी, जिससे निकली गंदगी को किनारे पर डाला गया था।
सूखने के बाद जलकुंभी और गंदगी को उठाने का आश्वासन दिया था। अब करीब 10 दिन बीतने के बाद भी उस गंदगी को नहीं उठाया। इस कारण आसपास काफी दुर्गंध फैली हुई है। वहीं बारिश के पानी के साथ गंदगी पगडंडी पर फैल रही है। नदी से निकाली गई जलकुंभी के सूखने के बाद कुछ लोगों ने उसमें आग लगा दी, जिसकी राख हवा के साथ उड़कर दोबारा नदी में गिर गई। वहीं बारिश के कारण गंदगी नदी की पगडंडी पर फैल गई। कई जगह से यह गंदगी पानी के साथ बहकर दोबारा नदी में जा रही है।
लोगों का कहना है कि नदी से जलकुंभी निकालने के बाद जहरीले जीव भी बाहर निकल आए हैं। इन जीवों ने किनारों पर सूख रही जलकुंभी में डेरा डाला लिया है। इससे आसपास रहने वाले और सुबह-शाम सैर करने वाले लोग कभी भी इनका शिकार हो सकते हैं।
मामले की जांच कराई जएगी : सोनू राम
एसडीएम सोनू राम ने बताया कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। मैं इसे देखता हूं। गंदगी को उठवा दिया जाएगा और मामले की जांच भी कराई जाएगी। जांच में दो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।