ज्योतिसर की पावन धरा की माटी की महक आंध्र प्रदेश की नई राजधानी में भी आएगी। ब्रह्म सरोवर का पवित्र पानी भी आंध्र प्रदेश की नई राजधानी की आधारशिला में डाला जाएगा।
इसके लिए रविवार को आंध्र प्रदेश मछलीपट्नम के सांसद के नारायण राव ज्योतिसर से मिट्टी और ब्रह्मसरोवर का पानी लेने के लिए कुरुक्षेत्र पहुंचेे। सासंद के नारायण राव का नगराधीश और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पूजा भारती ने स्वागत किया।
देर शाम सबसे पहले सासंद राव ने ज्योतिसर तीर्थ का भ्रमण किया। यहां पर नगराधीश डॉ. पूजा भारती ने सांसद को ज्योतिसर तीर्थ और कुरुक्षेत्र 48 कोस के तीर्थों के बारे में जानकारी दी। सांसद ने ज्योतिसर तीर्थ पर मंदिर में पूजा कर यहां से मिट्टी एकत्रित की है। इसके बाद सांसद ने ब्रह्मसरोवर, मंदिरों और पुरुषोतम पुरी बाग में भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन रथ को देखा।
सासंद ने बताया कि वह आंध्र प्रदेश से विशेष तौर ज्योतिसर तीर्थ की मिट्टी और ब्रह्मसरोवर का पवित्र जल लेने के लिए आएंगे। ब्रह्मसरोवर से पानी और ज्योतिसर से मिट्टी ले जाने के अलावा अमतृसर, वाराणसी और बौद्ध गया जैसे तीर्थों से पानी और मिट्टी एकत्रित की जा रही है।
देश की कई अन्य जगहों पर आंध्र प्रदेश के लोग गए है। उन्होंने बताया कि तीर्थों से एकत्रित मिट्टी और पानी को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में चारो ओर बिखेरा जाएगा। इसकी आधारशिला 22 अक्तूबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे।