शाहाबाद। ईद मनाने के लिए अपने भाई के घर जा रही एक मां की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब वीरवार सवा 12 बजे के करीब उन्हें बस अड्डे छोड़ने जा रहे उनका 22 वर्षीय बेटा युसुफ उनकी आंखों के सामने सड़क हादसे की भेंट चढ़ गया। हादसे में मां साबरी व युसुफ का मौसेरा भाई शाहबीर भी बुरी तरह घायल हो गए। मां गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अपने बेटे को बचाने के लिए राहगीरों से पुकार करती रही। इस मार्मिक दृश्य को देखने के बाद वहां से गुजरने वाले हर राहगीर का दिल पसीज गया और राहगीरों ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाते हुए एंबुलेंस के माध्यम से तीनों को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने युसुफ को मृत घोषित कर दिया व दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद पीजीआई भेज दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों में प्रदीप करावा व संजीव अग्रवाल ने बताया कि युसुफ अपनी बाइक एक तेज रफ्तार ट्रक के पीछे चला रहा था। उसी समय अमन होटल के पास अचानक ट्रक ने सड़क के बीच में ही ब्रेक लगा दिए। पीछे आ रहे युसुफ ने उसके बाद बाइक को रोकने का प्रयास करते हुए संतुलन खो दिया और ट्रक से जा टकराया। टक्कर के बाद मां व मौसेरा भाई सड़क पर जा गिरे व युसुफ मोटरसाइकिल के साथ घसीटते हुए ट्रक के नीचे बुरी तरह फंस गया था। काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया। इसी बीच ट्रक चालक मौके से भाग गया।
घायलों को पहले शाहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां मां साबरी की हालत अभी तक गंभीर बनी हुई है और उन्हें अब तक यह नहीं बताया गया कि उनका बेटा इस दुनिया में नहीं रहा। गांववासियों ने बताया कि युसुफ बेहद होनहार लड़का था और पिछले वर्ष नॉन मेडिकल से 12वीं पास करने के बाद अब अंबाला की आईटीआई से अपना कोर्स पूरा कर रहा था। ईद की तैयारियों में जुटे परिवार में मातम छा गया। इस हादसे के बाद पूरे लंडा गांव में शोक की लहर है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने युसुफ का शव अपने कब्जे में ले लिया है और ट्रक नंबर के आधार पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे खोजने के प्रयास शुरू कर दिए है।
कुरुक्षेत्र। मृतक युसुफ।