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Kurukshetra News: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी डॉ. शैली के खिलाफ 250 से अधिक पेज की तैयार की चार्जशीट

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कुरुक्षेत्र। आरोपी चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र शैली। आर्काइव - फोटो : Archive
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कुरुक्षेत्र। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी डॉ. शैलेंद्र ममगई शैली के खिलाफ चल रहे मामले में पुलिस ने 250 से अधिक पेज की चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में चालान पेश किया है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ कुल 30 गवाह तैयार किए हैं। इनमें तीन जांच अधिकारियों समेत पांच पुलिस अधिकारी व कर्मचारी, पीड़िता के परिवार के तीन सदस्य तथा करीब पांच चिकित्सक और नर्स शामिल हैं। अब फास्ट ट्रैक अदालत में मामले की सुनवाई गवाही के चरण में पहुंच गई है।
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पुलिस ने चार्जशीट में मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हुए गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों का उल्लेख किया है। जांच अधिकारियों के अलावा मौके की कार्रवाई, जांच प्रक्रिया और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिसकर्मियों को गवाह बनाया गया है।


जांच में शामिल तीन अधिकारियों की भी होगी गवाही
मामले की जांच के दौरान अलग-अलग स्तर पर जांच से जुड़े रहे तीन जांच अधिकारियों को भी पुलिस ने गवाह बनाया है। इनके अलावा दो अन्य पुलिस अधिकारी भी गवाहों की सूची में शामिल हैं। अदालत में इनकी गवाही के दौरान जांच की प्रक्रिया, जुटाए गए साक्ष्य और मामले में की गई पुलिस कार्रवाई से संबंधित तथ्य सामने रखे जाएंगे। पुलिस ने चार्जशीट में पीड़िता के परिवार से जुड़े तीन सदस्यों को भी गवाह बनाया है। इनके बयान मामले के घटनाक्रम और परिवार को मामले की जानकारी होने से संबंधित परिस्थितियों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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चिकित्सकों और नर्सों के बयान भी अहम
मामले में करीब पांच चिकित्सकों और नर्सों को भी गवाह बनाया गया है। इनसे संबंधित चिकित्सकीय जांच, उपचार और अस्पताल में सामने आए तथ्यों को अदालत के समक्ष रखा जाएगा। चिकित्सकीय साक्ष्य मामले की सुनवाई में अहम कड़ी माने जा रहे हैं। पुलिस ने चार्जशीट में कुल 30 गवाहों को शामिल किया है। अब अदालत में गवाहों के बयान दर्ज होने के साथ मुकदमे की आगे की कार्रवाई होगी।


250 से ज्यादा पेज में समेटी जांच
डीएसपी गुरविंद्र सिंह के मुताबिक पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 250 से अधिक पेज की चार्जशीट तैयार की है। इसमें जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया गया है। चार्जशीट तैयार होने के बाद मामला अब ट्रायल के अगले चरण में पहुंच गया है। अदालत में पुलिस द्वारा बनाए गए गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और बचाव पक्ष को भी उनसे जिरह का अवसर मिलेगा। इसके बाद अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।


गवाही के दौरान सामने आएगा पुलिस के साक्ष्यों का आधार
मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण चरण गवाही का है। चार्जशीट में शामिल पुलिस अधिकारियों, परिवार के सदस्यों, चिकित्सकों और नर्सों के बयान के आधार पर अभियोजन पक्ष अपने मामले को अदालत में रखेगा। वहीं बचाव पक्ष की ओर से गवाहों से जिरह की जाएगी। पुलिस की ओर से चार्जशीट में 30 गवाहों को शामिल किया जाना इस बात का संकेत है कि जांच के दौरान मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं को दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों के माध्यम से अदालत के समक्ष रखने की तैयारी की गई है।
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