कुरुक्षेत्र। संत गुरु रविदास ने 650 वर्ष पूर्व समाज को शिक्षित, स्वावलंबी और नशा मुक्त होने की शिक्षा दी। उन्होंने कर्म व चरित्र को सच्ची पूजा बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार इन्हीं विचारों पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। गुरु रविदास ने जात-पात व ऊंच-नीच का भेदभाव समाप्त कर समान अवसर और सम्मान वाले समाज की कल्पना की थी। केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ये विचार व्यक्त किए। वे वीरवार को सेक्टर-8 स्थित अंबेडकर भवन में श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि थे। अधिवेशन में देशभर से आए संतों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, युवाओं और बुद्धिजीवियों को सम्मानित किया गया।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने देशभर में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती पर गुरु पूर्णिमा से कलश यात्रा निकाली हुई है, जो सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारा के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रही है। कलश में वाराणसी की भूमि की मिट्टी और जल को भरकर भेजा गया है। सबसे पहले यात्रा प्रत्येक प्रदेश की राजधानियों में पहुंची और इसके बाद अन्य शहरों तक गई। इस यात्रा के माध्यम को देश के गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। सभी गांवों में यात्रा को जोरदार स्वागत हो रहा है। देशभर में यह यात्रा माघ पूर्णिमा तक चलेगी।
केंद्रीय राज्यमंत्री मेघवाल ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संत गुरु रविदास जी के विचार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों ने सामाजिक न्याय, शिक्षा और आत्मसम्मान की बात कही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और वंचित समाज के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चलाई हैं। मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया, पीएम आवास योजना और छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा और कौशल को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें और समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनें।
इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री बनवारी लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संतों की शिक्षा और वाणी को जन-जन तक पहुंचा रही है। प्रदेश में पहुंची कलश यात्रा 27 फरवरी 2027 तक चलेगी। इस यात्रा के साथ प्रत्येक गांवों में आमजन को जोड़कर गुरु रविदास जी की शिक्षाओं, आदर्शों और नीतियों का लाभ दिलवाना है। उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश राठौर ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डा. अनीता आर्या, चांद राम, एडवोकेट जितेंद्र, कृष्ण भुक्कल, जसवंत पठानिया, तेजपाल सेहरावत, केसी रंगा, प्रीतम सिंह कोलेखां, मलकीत ढांडा, जयभगवान, सूरजभान कटारिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।