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आरके सदन में 9-10 को होगा तीसरा सृजन उत्सव, प्रदेश-प्रदेश के साहित्यकार एवं रंगकर्मी साझा करेंगे अनुभव

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फोटो नंबर - 5
सृजन उत्सव में साहित्य व रंगकर्म पर होगा मंथन
- आरके सदन में 9-10 को होगा तीसर हरियाणा सृजन उत्सव
- हरियाणा की संस्कृति एवं लोक कलाओं के साथ साहित्य पर होगी चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। प्रदेश का तीसरा सृजन उत्सव विश्वविद्यालय के आरके सदन में शनिवार से आरंभ होगा। इस उत्सव में रंगकर्मी और प्रख्यात साहित्यकार साहित्य व रंगकर्म पर मंथन करेंगे। रंग उत्सव के संयोजक प्रोफेसर सुभाष सैनी ने बताया कि वर्ष 2017 व 2018 में भी ये सम्मेलन आयोजित किया जा चुका है।
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पिछले दो सृजन उत्सव ने देश के सांस्कृतिक माहौल में ऐतिहासिक पहचान बनाई है। जो लोग हरियाणा को खाप पंचायतों के तुगलकी फरमान, कन्या भ्रूण हत्याओं, असमान लिंगानुपात और दलित उत्पीड़न के लिए जानते थे, वे हरियाणा की सृजनात्मक प्रतिभाओं और सकारात्मक रचनात्मक माहौल से भी जान पा रहे हैं। उत्सव में शामिल होने के लिए देश-प्रदेश के रचनाकारों एवं कलाकारों में खासा उत्साह है। प्रो. सुभाष चंद्र ने बताया कि 9 फरवरी को उत्सव का शुभारंभ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं प्रख्यात समालोचक चौथीराम यादव करेंगे। वे सृजन की परंपराएं, सरोकार एवं चुनौतियां विषय पर वक्तव्य देंगे। प्रख्यात लेखक आलोक श्रीवास्तव वर्तमान दौर की चुनौतियां और सृजन विषय पर समापन वक्तव्य देंगे। सृजन उत्सव में लोक भाषाओं का राष्ट्रीय कवि सम्मेलन भी होगा। इसमें रामसरूप किसान (राजस्थानी), नीतू अरोड़ा (पंजाबी), आत्मारंजन (पहाड़ी), रिसाल जांगड़ा, मंजीत भोला (हरियाणवी), प्रो. राजेंद्र गौतम, हरेराम समीप और ब्रजेश कठिल (हिंदी) सहित हरियाणा के विभिन्न लोक कवि हिस्सा लेंगे। हरियाणा के विख्यात शायर हाली पानीपत एवं निबंधकार बाल मुकुंद गुप्त के साहित्य पर राष्ट्रीय सेमीनार होगा। उर्दू के मशहूर शायर महेंद्र प्रताप चांद, हरियाणवी कवि, पत्रकार एवं बालमुकुंद यादगार समिति से जुड़े सत्यवीर नाहड़िया वृतचित्र निर्माता डॉ. कृष्ण एवं जनवादी लेखक संघ हरियाणा के महासचिव रोहतास समेत शोधार्थी विचार रखेंगे। वहीं, हरियाणा के मनोरंजन व्यवसाय पर भी खुली चर्चा होगी। इसमें पॉप संगीत, फिल्में, वेब सीरीज, रागनी कंपीटिशन या मनोरंजन के अन्य माध्यमों पर परोसे जा मनोरंजन के आर्थिक-सांस्कृतिक पहलुओं पर विमर्श होगा। मोनिका भारद्वाज, रोशन वर्मा, विक्रम दिल्लोवाल, दीपक राविश, इकबाल सिंह, सुमेल सिंह सिद्धू, हरविंद्र मलिक, कमलेश भारतीय भी शामिल होंगे। अभिनेता यशपाल शर्मा अपनी रंगयात्रा प्रस्तुत करते हुए पसंदीदा पांच नाटकों पर अनुभव सांझा करेंगे। इसके अलावा अगली कड़ी के तहत सांस्कृतिक संध्या में हिंदी-उर्दू के मशहूर रचनाकार कृष्णचंद्र की कहानी का मंचन किया जाएगा। निर्देशन चंडीगढ़ थियेटर विभाग से शिक्षित प्रख्यात रंगकर्मी कृष्ण नाटक ने किया है। इसके अलावा रागणियां, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां की जाएंगी। इस अवसर पर डॉ. विजय विद्यार्थी, सुनील थुआ, राजेश कासनिया, प्रदीप स्वामी, रजत, जसविंदर एवं रानी मौजूद रहे।
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