कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में 55 हजार स्कूली विद्यार्थी एक साथ सामूहिक रूप से पवित्र ग्रंथ गीता के 18 श्लोकों का उच्चारण करके विश्व में एक अनूठा रिकार्ड बनाएंगे। इस वैश्विक गीता पाठ का आयोजन ऑनलाइन प्रणाली से 14 दिसंबर को दोपहर 12 बजे किया जाएगा। इस वैश्विक गीता पाठ में 21 जिलों से 50-50 स्कूलों के 50-50 विद्यार्थी तथा कुरुक्षेत्र जिले से हजारों छात्र-छात्राएं ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
इन 55 हजार विद्यार्थियों को एक सूत्र में पिरोने के लिए सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनल या अन्य किसी माध्यम से जोड़ा जाएगा। शिक्षा विभाग हरियाणा को इस वैश्विक गीता पाठ के लिए सभी स्कूलों से इस कार्यक्रम के साथ जोड़ने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। इसलिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक हरियाणा पंचकूला की तरफ से सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयक, खंड शिक्षा अधिकारी व स्कूलों के मुखिया को पत्र लिखकर वैश्विक गीता पाठ के कार्यक्रम के साथ-साथ तैयारियां करने के लिए पत्र भी लिखा जाएगा। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन जहां 9 दिसंबर से 14 दिसंबर तक किया जाएगा।
कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार सभी स्कूली प्रतियोगिताएं ऑनलाइन कराए जाने का निर्णय भी लिया गया है और इस वर्ष जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री को नोडल अधिकारी बनाया गया है। गीता महोत्सव के सबसे अधिक आकर्षक कार्यक्रमों में से एक स्कूली विद्यार्थियों द्वारा 14 दिसंबर को दोपहर 12 बजे होने वाले श्रीमद्भगवद गीता के श्लोकों का सामूहिक पाठ होगा।
शिल्पकारों को महोत्सव में दी जाएगी विशेष तवज्जो : मुकुल
उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 में देश के कोने-कोने से आने वाले राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिल्पकारों को विशेष तवज्जो दिया जाएगा। इन शिल्पकारों की सूची तैयार करने के आदेश उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला के अधिकारियों को दिए गए हैं। उपायुक्त मुकुल कुमार लघु सचिवालय के सभागार में महोत्सव की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर एडीसी अखिल पिलानी, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय बसीन, एसडीएम नरेंद्र मलिक, सीईओ केडीबी अनुभव मेहता, सीईओ जिला परिषद सतबीर कुंडू, डीएमसी भारत भूषण गोगिया, एसडीएम कपिल शर्मा, एसडीएम सोनू राम, जीएम रोडवेज अशोक कुमार, आरटीए सचिव उर्मिल श्योकंद, प्रोफेसर तिजेंद्र शर्मा, डॉ. महा सिंह पूनिया व एनजेडसीसी के अधिकारी मौजूद रहे।