कुरुक्षेत्र। जिले भर में दूसरे दिन भी करीब चार घंटे तक झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली तो मौसम खुुशगवार हो गया। पानी निकासी के समुचित प्रबंधन न किए जाने से शहर पानी से लबालब हो गया तो वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे और धान रोपाई का कार्य तेज हो गया। शनिवार अल सुबह हल्की बारिश के बाद रविवार अल सुबह भी बारिश शुरू हो गई। करीब चार घंटे तक तेज तो इसके बाद हल्की बूंदाबांदी जारी रही। जिला में सबसे अधिक बारिश थानेसर खंड में हुई, जिसके चलते नगर परिषद के पानी निकासी के दावों की पोल खुलकर सामने आ गई। पानी निकासी न होने के कारण सड़कें पानी से भर गई तो वहीं गांधी नगर, मॉडल टाउन, वशिष्ठ कॉलोनी, विष्णु कॉलोनी, कैलाश नगर, दीदार नगर, कल्याण नगर, विवेकानंद कॉलोनी, ब्रह्मा कॉलोनी सहित अन्य दर्जन भर कॉलोनियों में जल भराव हो गया तो वहीं सेक्टरों की सड़कें भी पानी से भरी रही। शहर की मुख्य सड़कों पर भी घंटो भर तक पानी जमा रहा और गहराई वाले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या अधिक दिखाई दी। वहीं बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली और दिन भर मौसम खुशनुमा बना रहा।
गंदगी से अटे नाले, पानी निकासी नहीं
शहर में पानी निकासी की व्यवस्था चरमराई हुई है। अधिकतर पानी निकासी नाले गंदगी से अटे हुए है तो सीवरेज व्यवस्था भी अनेकों जगहों पर ओवफ्लो। पानी निकासी सही न होने व नप के दावों की हकीकत की पोल रविवार सुबह हुई बारिश ने खोल दी। लोगों का कहना है कि ऐसे हालात में बारिश सीजन आएगा तो उन्हें गंभीर समस्या का सामना करना पड़ेगा। समय रहते प्रशासन पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करवाने की जहमत नहीं उठा पाया, जिसका प्रमाण पहली बारिश में ही मिल गया है।
नालों की सफाई का कार्य जल्द होगा पूरा : ईओ
नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है कि शहर में पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। सभी नालों सफाई कराई जा रही है और यह कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। बारिश से सीजन में लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
किसानों के खिले चेहरे, धान रोपाई तेज
तेज बारिश होने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। धान रोपाई के लिए बारिश की इंतजार कर रहे किसानों ने अब रोपाई कार्य तेज कर दिया है। एकाएक ही बारिश के बाद रोपाई कार्य तेज हो जाने से मजदूरों की किल्लत भी दिखाई देने लगी है और किसान रेलवे स्टेशनों पर बिहार से आने वाले मजदूरों की खोज करने लगे है। झिरबड़ी के किसान गुरमीत सिंह का कहना है कि किसानों ने खेतों में धान रोपाई की तैयारियों कुछ दिनों पहले से ही शुरू कर दी थी और अब वे बारिश का इंतजार कर रहे थे। यह बारिश धान रोपाई में बेहद कारगर साबित होगी।
बारिश किसानों के लिए वरदान : उप निदेशक
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ कर्मचंद का कहना है कि यह बारिश किसानों के लिए वरदान बनकर आई है। 15 जून तक धान रोपाई पर पाबंदी होने के बाद किसान रोपाई कार्य शुरू करने लगे थे और वे बारिश की बाट जोह रहे थे। उन्होंने बताया कि जिला में करीब एक लाख 20 हजार एकड़ धान की रोपाई की जानी है और इसी बारिश से ही करीब 50 फीसदी तक रोपाई कार्य पूरा किया जा सकेगा।
ब्लॉक अनुसार कितनी हुई बारिश
ब्लॉक बारिश एमएम में
थानेसर 42 एमएम
बाबैन 31 एमएम
शाहाबाद 20 एमएम
पिहोवा 21 एमएम
इस्माईलाबाद 20 एमएम
लाडवा 29 एमएम