सर्विस लेन, नाले के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रोका नेशनल हाईवे का काम
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
गांव भेरियां में नेशनल हाईवे-65 के साथ सर्विस लेन (रोड) और नाले के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रविवार को सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ग्रामीणों ने हाईवे पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य को भी रोक दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे। अधिकारियों से सोमवार को इस मामले में बातचीत के आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने काम शुरू होने दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि एनएच-65 उनके गांव से होकर गुजरता है। इसको फोरलेन करने का काम चल रहा है। हाईवे को फोर लेन बनाने के लिए इस पर 15 फीट से ज्यादा का भर्त किया गया है। इतना अधिक भर्त होने के कारण गांव की दोनों साइड नीचे चली गई हैं। हाईवे की अधिक ऊंचाई होने के कारण पानी की निकासी भी रुक गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे कई बार अधिकारियों लेकर खुले दरबार में सीएम तक को लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया है। यदि सोमवार तक उनकी इस मांग पर विचार नहीं किया गया तो वे सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे। मौके पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि उनके पास हाईवे के निर्माण का टेंडर है। इसमें सर्विस लेन बनाने की कोई बात नहीं है। इसके लिए ग्रामीणों को अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए। इस अवसर पर उतंक मुनि, पिंटू, कुलदीप, सिंगारा, परगट सिंह, दर्शन लाल, ताराचंद, हरजिंद्र, राजाराम, विनोद, विरेंद्र, संजीव, महिंद्र, सुखविंद्र, देवचंद, संजीव, भोला राम, हंसराज, विक्की, सुमेर पाल, दीपचंद, सुच्चा सिंह, सिकंदर, परस राम, निरजंन आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
सर्विस लेन के बिना होंगी दुर्घटनाएं
ग्रामीणों की मानें तो सरकार मोटा बजट खर्च कर हाईवे का निर्माण कर रही है, लेकिन सर्विस लेन नहीं बनवा रही। सर्विस लेन के बिना यहां हर रोज दुर्घटनाएं होंगी। गांव में एक साइड सरकारी कॉलेज है और दूसरी तरफ सरकारी स्कूल। इनमें बच्चों का आना-जाना लगा रहता है। हाईवे की ऊंचाई अधिक होने के कारण गांव से निकलने वाले वाहन स्पीड से ही हाईवे पर आएंगे। ऐसे में दुर्घटना के आशंका अधिक होगी।
सरकार को महज एक रुपये में लीज पर दी 14 एकड़ भूमि
गांववासियों का कहना है कि गांव ने सरकार का साथ देकर अपनी 14 एकड़ पंचायती भूमि महज एक रुपये साल के हिसाब से 35वर्षों के लिए लीज पर दी है। इस पर राजकीय कॉलेज भेरियां बना हुआ है। इसके अलावा गांव ने अंजन यात्रिका और सरकारी पेट्रोल पंप के लिए भी जमीन उपलब्ध कराई है। इसके लिए गांव ने कोई पेशगी भी नहीं ली थी।