हजारों लोगों की मौजूदगी में पहलवान ने बेटी के सिर पर रखवाई पगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
इकलौते भाई की रस्मक्रिया में जब समनवी के सिर पर समाज के प्रतिष्ठित लोगों ने छोटी बहन के सिर पगड़ी रखी तो ये शोकसभा एक संदेश सभा में तब्दील हो गई। दर्दनाक कार हादसे में इकलौते युवा पुत्र को खोने की पीड़ा इस परिवार को जीवन भर सालती रहेगी। मगर, इन हालात के बीच बेटी सिर पर पगड़ी बंधवाने का निर्णय मिसाल बन गया।
दरअसल 23 जनवरी को केयू में पांच वर्षीय विधि संस्थान के छात्र 21 वर्षीय हितेश पुत्र पवन पहलवान की कुरुक्षेत्र जिमखाना क्लब के निकट एक कार हादसे में मौत हो गई थी। रविवार को धर्मनगरी के सन्निहित सरोवर तट पर स्थित हरियाणा ब्राह्मण धर्मशाला एवं छात्रावास के प्रदेशाध्यक्ष पवन शर्मा पहलवान ने अपने बेटे की शोक सभा में 11वी कक्षा में अध्ययनरत 16 वर्षीय पुत्री समनवी शर्मा को पगड़ी बंधवाई। पवन शर्मा पहलवान ने नम आंखों से अपने 21 वर्षीय बेटे हितेश शर्मा की रस्मपगड़ी में प्रदेशभर से पहुंचे विभिन्न राजनैतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों के लोगों की मौजूदगी बेटी को पगड़ी पहनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आज से उनकी बेटी समनवी शर्मा ही उनका और उनके समस्त परिवार का सम्मान है। भविष्य में उनकी बेटी ही समाज में उनके बेटे की तरह ही सभी जिम्मेदारियों को निभाएगी। इसके बाद पवन शर्मा पहलवान के आग्रह पर पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जयभगवान शर्मा डीडी, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर और जिप के पूर्व चेयरमैन प्रवीण चौधरी ने बेटी समनवी शर्मा को पगड़ी पहनाई। शोक सभा में पूर्व सांसद गुरदयाल सिंह सैनी, पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी, अंबाला से ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ नेता सुभाष शर्मा, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज वशिष्ठ, श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के संरक्षक अधिवक्ता जयनारायण शर्मा, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन जलेश शर्मा, हरियाणा पुलिस के पूर्व आईजी रणबीर शर्मा, हैफेड के पूर्व चेयरमैन रामस्वरूप जांबाज आदि भी मौजूद रहे।
बेटी को बताया कर्तव्य परायणता का प्रतीक है पगड़ी
सभा में मौजूद सभी की सहमति मिलने के बाद रस्म पगड़ी के अवसर पर मौजूद पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ समनवी शर्मा के सिर पर पगड़ी बांधी। पंडितों ने समनवी शर्मा से कहा कि यह पगड़ी समाज में मान मर्यादा का प्रतीक है। इसकी लाज रखना बेटा या बेटी का कर्तव्य है। क्योंकि, पगड़ी सिर पर बांधने वाला केवल वस्त्र नहीं है। यह हिंदू धर्म में कर्तव्य परायणता का प्रतीक है।