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प्रभु की घोषणा के बाद भी नही चला एस्केलेटर, बजुर्गों-दिव्यांगों को चढ़नी पड़ रही 90 सीढ़ियां

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प्रभु की घोषणा के बाद भी नहीं चला एस्केलेटर, बजुर्गों-दिव्यांगों को चढ़नी पड़ रहीं 90 सीढ़ियां
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अमर उजाला ब्यूरो
कुुरुक्षेत्र।
ये कुरुक्षेत्र की महिमा है जनाब, जहां छह दिन के गीता उत्सव में टेंट और लाइट एंड साउंड शो पर पांच करोड़ की सरकारी ग्रांट खर्च हो सकती है, मगर केंद्रीय रेलमंत्री की घोषणा और सवा साल गुजरने के बाद भी यहां के रेलवे जंक्शन पर एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस वजह से कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन पर दिव्यांग, उम्रदराज और सीढ़ियां चढ़ने में अक्षम यात्रियों को एक से दूसरे प्लेटफार्म तक 90 सीढ़ियां चढ़नी या उतरनी पड़ती हैं। इस बारे में रेलवे के उच्च अधिकारियों से लेकर रेल मंत्रालय तक को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन एस्केलेटर शुरू नहीं हो सका है।
कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 3000 यात्री टिकट लेकर सफर करते हैं। रोजाना दस हजार से ज्यादा यात्री आवागमन करते हैं। पहले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान नौ दिसंबर 2016 को तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन पर पहुंचे थे। तब कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी ने इस समस्या को उनके सामने रखा था। उन्होंने इस समस्या का हल जल्द से जल्द कराने का आश्वासन दिया था। साथ ही एस्केलेटर की सुविधा देने की घोषणा की थी। इस घोषणा को करीब सवा साल बीत चुके हैं। रेलमंत्री की हरी झंडी मिलने के बावजूद कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन पर एस्केलेटर (स्वचलित सीढ़ियां) नहीं लग सका है। इसका अभी तक काम भी शुरू नहीं हुआ है। यह हालात तब हैं, जब मौजूदा बजट में भी केंद्र सरकार धार्मिक और हेरिटेज सिटी योजनाओं के तहत कुरुक्षेत्र जैसे क्षेत्रों में सुविधाओं को बढ़ाने की घोषणाएं की गई हैं। उल्लेखनीय है कि कुरुक्षेत्र पहले से ही भारत सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा कृष्णा सर्किट में शामिल किया हुआ है। इसके लिए 100 करोड़ का बजट भी 2016 में मंजूर हो चुका है। इतने महत्वपूर्ण स्थान होते हुए भी कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन एस्केलेटर जैसी मामूली सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
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बुजुर्गों के लिए एस्केलेटर बेहद जरूरी : चेयरमैन
रेल यात्री कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने कहा कि रेलवे मंत्रालय को बुजुर्गों का खयाल रखते हुए रेलवे परिसर में बिजली से चलने वाली सीढ़ियां लगवानी चाहिए। 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिला और पुुरुषों के घुटनों में ज्यादा दिक्कत होती है। उनको देखते हुए यह सुविधा होना बेहद जरूरी है। इसके अभाव में यात्री समय बचाने और घुटनों के दर्द से बचने के लिए पटरी को पार कर दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंचते हैं। यह खतरनाक और गैरकानूनी है। इसलिए यहां पर एस्केलेटर सुविधा शुरू करानी चाहिए।
फिलहाल जानकारी नहीं : एसएन गुप्ता
कुरुक्षेत्र स्टेशन अधीक्षक एसएन गुप्ता ने कहा कि फिलहाल यहां एस्केलेटर सुविधा शुरू करने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। हाल ही में बजट सत्र के दौरान सैकड़ों रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और एस्केलेटर संबंधी घोषणा हुई है। इसमें कुरुक्षेत्र के लिए अभी हेडक्वार्टर से निर्देश नहीं आए हैं। उच्च अधिकारियों की तरफ से निर्देश आएंगे, तभी कुछ कहा जा सकता है। व्यवस्था जांचने के लिए उच्च अधिकारियों के दौरे होते रहते हैं।
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बजट सत्र जारी है, इसमें उठाऊंगा मुद्दा : सांसद
एस्केलेटर न होने से बुजुर्गों और अन्य यात्रियों की समस्या को लेकर कुरुक्षेत्र सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर बिजली से चलने वाली सीढ़ियां लगाने की रेलमंत्री से डिमांड की गई थी। यह अभी तक पूरी नहीं हुई है। इसको लेकर वर्तमान बजट सत्र में मुद्दा उठाया जाएगा।
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