अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। निजी बसों के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों द्वारा शुरू किया गया चक्का जाम वीरवार को तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसके चलते अधिकारियों के प्रयास के बावजूद भी कोई भी बस नहीं चल पाई। हड़ताल से जहां यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी वहीं निजी बस व अन्य वाहन चालकों ने भी मनमाना किराया वसूल किया। कर्मचारियों ने नए बस अड्डे के समीप ही ताज पार्क में दिन भर धरना दिया तो जमकर नारेबाजी भी की जबकि हड़ताल पर अड़े कर्मचारियों के आंदोलन के आगे जीएम से लेकर विभाग के अन्य अधिकारी भी बेबस दिखाई दिए। कर्मचारी सुबह ही एकजुट होना शुरू हो गए थे और उन्होंने सुबह से ही ताज पार्क में धरना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया तो वहीं उन्हें बिजली, जनस्वास्थ्य, सर्व कर्मचारी संघ, जनसंर्घष मंच सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों के अलावा प्रवीण चौधरी, भाकियू के कामरेड प्रताप सिंह के अलावा अन्य संगठनों के नेता व कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया। वहीं बस अड्डे पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
आज सीएम और परिवहन मंत्री का पुतला फूंकेंगे कर्मचारी
रोडवेज कर्मचारी दशहरा पर्व पर शुक्रवार को भी हड़ताल व धरना जारी रखेंगे। इस दौरान ताज पार्क में ही दशहरा पर दहन किए जाने वाले रावण के पुतले के तौर पर मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री के पुतले जलाएंगे। कर्मचारी काली पट्टियां बांधकर काला दशहरा मनाकर भी रोष व्यक्त करेंगे। यह एलान रोडवेज कर्मचारी यूनियन के राज्य महासचिव मायाराम उनियाल ने किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर आज तक किसी भी कर्मचारी के पास कई पत्र व नोटिस नहीं पहुंचा है। प्रशासन अपने स्तर तक ही कार्रवाई करने में जुटा है, लेकिन इससे कर्मचारी घबराने वाले नहीं है।
वर्कशॉप से बाहर निकाली तीन बसें काउंटर से आगे नहीं बढ़ पाई
जीएम के आदेश पर कुछ सब इंस्पेक्टर ने वर्कशॉप से बसें निकालकर कांउटर पर लगा दी, लेकिन यहां से आगे ले जाने से उन्होंने भी इनकार कर दिया। इसके बाद ये बसें दिन भर काउंटरों पर खड़ी रही, जिन्हें देख यात्री भी बस चलने की उम्मीद से बस अड्डे पर पहुंचते रहे, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वहीं अधिकारियों के समक्ष इन बसों को वापस वर्कशॉप में करने की भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई।
किराया भी मनमाना लिया, टिकट भी नहीं दी
बस अड्डे पर एक रूट से पहुंची निजी बस से उतरे कई यात्रियों ने बताया कि उनसे मनमानी करते हुए सरकार द्वारा तय किराए से 10-10 रुपये अधिक किराया वसूल किया गया, लेकिन उन्हें टिकट तक नहीं दी गई। वहीं कई यात्रियों की निजी बस कंडक्टरों के साथ बहस भी हुई तो वहीं एक मैक्सी कैब चालक ने माना कि पांच से 10 रुपये तक अधिक किराया लिया जा रहा है।
विभाग के अनुसार ये कर्मचारी रहे हड़ताल पर
पद ---- ---- बुधवार --- वीरवार --- कुल कार्यरत
चालक-- 218--- 255--- 298
परिचालक-- 211--- 239---279
कर्मशाला स्टाफ--44-- 41---87
मैनेजमेंट स्टाफ-- 7--27 ---135
अभी तक 8 को किया बाहर, 49 को जारी किए नोटिस : जीएम
जीएम लेखराज के अनुसार बुधवार को ही कॉन्ट्रेक्ट पर लगे 8 कर्मचारियों को हटा दिया था तो वहीं 49 को नोटिस भी जारी कर दिए थे। वीरवार को भी हड़ताल पर गए सभी कर्मचारियों की सूची तैयार की गई, जिससे उच्चाधिकारियों को भी अवगत करवा दिया गया। जैसे ही आदेश होगे उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का कामकाज ठप, डीसी के साथ होती रही बैठकें
हड़ताल में बड़ी संख्या में क्लेरिकल स्टाफ के भी शामिल होने के चलते वीरवार को रोडवेज विभाग का काम ठप रहा। अधिकतर कुर्सियां खाली पड़ी रही तो वहीं पहले सुबह और फिर देर सायं जीएम लेखराज डीसी डॉ एसएस फुलिया के साथ बैठक कर हालात की जानकारी देते रहे।
बच्चों के साथ कैसें पहुंचे यमुनानगर : गुरमीत कौर
दो बच्चों के साथ अपनी ससुराल जाने के लिए बस अडडे पर पहुंची गुरमीत कौर करीब दो घंटे तक बस का इंतजार करती रही। उन्होंने बताया कि वह अब समझ नहीं पा रही है कि अब कैसे यमुनानगर पहुंच पाएगी। न कोई अधिकारी और न ही कर्मचारी कुछ बता रहा है।
अमृतसर से शादी में शामिल होने आए, अब हड़ताल में फंसे : बलकार
अमृतसर, पंजाब निवासी बलकार सिंह का कहना था कि इंद्री में रिश्तेदार की शादी में जाने के लिए परिवार के साथ ट्रेन से कुरुक्षेत्र पहुंचे। वहां से वे बस अडडे आए तो हड़ताल का पता चला। अब बच्चों के साथ वे शादी में कैसे पहुंच पाएंगे , यह समझ नहीं आ रहा।
काले बिल्ले लगाकर व काले कपड़े पहन कर करेंगे प्रदर्शन
पिहोवा। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। रोडवेज कर्मियों ने बस अड्डे के पास स्थित पार्क में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। रोडवेज यूनियन के प्रदेश उप प्रधान बलदेव मामूमाजरा ने बताया कि कर्मचारी अपनी मांग पर अडिग़ है। सरकार की कोई भी नीति कर्मचारियों को डरा नही सकती है। उन्होंने बताया कि रोडवेज कर्मचारी इस बार काला दशहरा मनाएंगे। कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर, काले कपड़े पहनकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उधर बिजली वर्कर यूनियन ने भी रोडवेज कर्मियों का समर्थन करते हुए हड़ताल में हिस्सा लिया। बिजली वर्कर यूनियन प्रधान बलबीर रंगा व सचिव रणजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा रोडवेज कर्मचारियों पर एस्मा लगाकर झूठे केस दर्ज करना और कच्चे कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करना सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों को उजागर करता है। इस मौके पर प्रधान बलबीर रंगा, सचिव रणजीत सिंह, मोहन लाल, प्रकाश चंद, विजय राणा, राजकुमार, दिलबाग सिंह, सुखविंद्र सिंह, सुरता राम, बलदेव मामूमाजरा सहित दोनों यूनियन के सदस्य मौजूद रहे।
भर्ती की सूचना पाकर पहुंचे सैकड़ों युवक पहुंचे, दिन भर मिलते रहे आश्वासन
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सरकार द्वारा चालक व परिचालकों की नई भर्ती करने की सूचना मिलने पर देर रात से ही युवक बस अड्डे पर पहुंचने शुरू हो गए। दोपहर तक सैकड़ों युवक जुट गए, जिन्हें अधिकारी केवल आश्वासन ही देते रहे। इसी आश्वासन पर युवक भी हाथों में दस्तावेज लिए देर रात तक बस अड्डे पर ही जमे रहे। वहीं इन युवकों ने जहां जीएम कार्यालय पर रोष जताया वहीं जीएम ने भी उन्हें भरोसा जताते हुए कहा कि उनके पास विज्ञापन पहुंच चुका है और निर्देश मिलने पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।