अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित चार दिवसीय रत्नावली महोत्सव का आगाज शुक्रवार को होगा। प्रदेशभर के कलाकरों के स्वागत के लिए केयू प्रशासन ने द्वारा यूनिवर्सिटी परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। हरियाणवी कला एवं संस्कृति के इस महाकुंभ में शुक्रवार से प्रदेशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 3500 से अधिक युवा कलाकार 31 विधाओं पर धमाल मचाएंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो कैलाश चंद्र शर्मा करेंगे। इसके अलावा विधायक सुभाष सुधा व लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी भी शामिल होंगे। इस अवसर युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से ग्रुप डांस रसिया व फॉक डांस हरियाणवी की प्रस्तुति होगी। 34 वें इस रत्नावली महोत्सव के लिए छह अलग-अगल मंच बनाए गए है। प्रशासन द्वारा सभी प्रतियोगिताओं के लिए संबंधित अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने बताया कि कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार उत्सव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उत्सव के लिए सुरक्षा से लेकर मेहमानों के ठहरने व खाने-पीने की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। यूनिवर्सिटी के सुरक्षा विभाग, अनुशासन अधिकारी की टीम के साथ-साथ पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि रत्नावली महोत्सव की इस बार सबसे बड़ी खूबी यह रहेगी की इस बार पॉलिथीन फ्री व डिजीटल होगा। रत्नावली के माध्यम से हरियाणा के जन-जन तक संदेश पहुंचे व लोग सोशल मीडिया के माध्यम से रत्नावली को देख सकें इसलिए इसे इस बार डिजीटल रूप में पेश किया जाएगा। प्रदेश भर के दर्शक एवं कलाकार रत्नावली एप के साथ-साथ विभिन्न डिजीटल प्लेटफार्म पर इसे देख सकेंगे व सांझा कर सकेंगे। इसके साथ ही हर हरयाणवी की पुकार पराली न जलाएं अबकी बार सामाजिक संदेश रत्नावली का इस वर्ष का मुख्य थीम होगा।
अनुशासन बनाए रखने के लिए लगाई शिक्षकों की ड्यूटियां
यूनिवर्सिटी के प्राक्टर डॉ. आरके देसवाल ने बताया िक रत्नावली महोत्सव में अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी 6 मंचों पर चार दिन के कार्यक्रम में 300 शिक्षकों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। इसके लिए एक विशेष अनुशासन कमेटी बनाई गई है जिसमें प्राक्टर, डिप्टी प्राक्टर, सुरक्षा अधिकारी व यूनिवर्सिटी के कुछ वरिष्ठ शिक्षक निरंतर विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करते रहेंगे। छात्राओं के लिए 30 महिला शिक्षकों को कंवीनर बनाया गया है ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह से अनुशासन संबंधी कोई परेशानी न हो।
आज होंगे यह कार्यक्रम
26 अक्तूबर को आडिटोरियम हॉल में हरियाणवी रीति-रिवाज, हरियाणवी पगड़ी, पाप सांग हरियाणवी, सोलो डांस फीमेल, आरके सदन में हरियाणवी भजन, ड्यूट रागिनी, ओपन एयर थियेटर में सोलो डांस पुरुष, रागिनी, सीनेट हाल में डेक्लामेशन, खुला मंच पर सांग प्रोफेशनल व क्रश हाल में बोहिया, इंडी, पिड्डा, बंदरवाल, फुलझड़ी मेकिंग प्रतियोगिता होगी।
आईकार्ड से ही होगा आडिटोरियम हॉल में प्रवेश
मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. चांद राम जिलोवा ने बताया कि रत्नावली को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आडिटोरियम हॉल में प्रवेश के लिए आईकार्ड जरूरी हैं। सभी विद्यार्थी, दर्शक व कर्मचारी आईकार्ड के साथ ही हॉल में प्रवेश कर सकेंगे।