हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद कस्बे की लक्की कॉलोनी में सांड के हमले में 11 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची दूध लेने के लिए साइकिल पर घर से निकली थी। मृतक की शिनाख्त पलक के रूप में हुई। पलक एसजीएनपी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ती थी। पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया।
दोपहर के बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया। बच्ची की माता पिंकी की शिकायत पर पुलिस ने इत्तेफाकिया मौत का मामला दर्ज किया। घटना पर विधायक रामकरण काला, नपा अध्यक्ष डॉ. गुलशन क्वात्रा सहित नगर की संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त किया है।
पिंकी ने बताया कि बुधवार को सुबह सात बजे उसकी बेटी पलक साइकिल पर सवार होकर दूध लेने के लिए घर से निकली थी। उसी गली में दो सांड आपस में लड़ रहे थे। अचानक एक सांड ने पलक पर हमला कर दिया। सांड की टक्कर से पलक दीवार में जा लगी। इसी दौरान वह सांड भी बच्ची के ऊपर गिर गया।
बच्ची की चित्कार सुनकर लोग वहां एकत्रित हुए और बड़ी मुश्किल से दोनों सांड को वहां से भगाया। रमेश कश्यप, मनीष अग्रवाल व हीरा लाल सहित अन्य लोग घायल बच्ची को शाहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बच्ची की माता पिंकी शहर की लक्की कॉलोनी में कुलदीप सिंह के मकान में किराये पर रहती है और घरों में कामकाज करके अपना गुजर बसर कर रही है। पिंकी के पास एक बेटा भी है।
तीसरी कक्षा में पढ़ती थी पलक
पलक शाहाबाद के एसजीएनपी स्कूल में तीसरी कक्षा की छात्रा थी। सांड के हमले से जैसे ही पलक की मौत का समाचार शहर में पहुंचा तो लोग पलक के परिजनों का ढांढस बंधाने उनके घर पहुंचे। पलक के स्कूल के शिक्षकों ने भी इस हृदय विदारक घटना पर शोक व्यक्त किया।
दूसरे बच्चों को बचा लो साहब
पिंकी की रूदन ने उस समय सभी को स्तब्ध कर दिया जब उसने विधायक रामकरण काला के समक्ष यह बात कही कि बेसहारा पशुओं को शहर से बाहर किया जाए, क्योंकि वह नहीं चाहती जो उसकी बेटी के साथ हुआ वह शहर के अन्य बच्चों के साथ हो। पिंकी की इस बात का सभी ने समर्थन किया और विधायक से शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्ति दिलाने की मांग रखी।
बच्ची के परिवार को दिलाया जाएगा मुआवजा : विधायक
इस हादसे की सूचना पाकर विधायक रामकरण काला और नपा प्रधान डॉ. गुलशन क्वात्रा अस्पताल पहुंचे तथा परिजनों का ढांढस बंधाया। विधायक रामकरण काला ने तत्काल प्रभाव से बेसहारा पशुओं को पकड़कर शहर से बाहर करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि प्रदेश सरकार की ओर से मृतक बच्ची के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाई जाए।
विधानसभा में उठाया था मुद्दा
विधायक रामकरण काला ने कहा कि बेसहारा पशुओं की समस्या का मुद्दा उन्होंने विधानसभा सत्र में भी उठाया था। वह दोबारा प्रदेश सरकार से मांग करेंगे कि प्रदेश को इस समस्या से निजात दिलाई जाए।