कुरुक्षेत्र। धान कटाई शुरू होते ही फसल अवशेष जलाने की घटनाएं भी बढ़ने लगी है। छह दिन में ही 16 मामले प्रशासन तक पहुंच चुके हैं, जिनमें 11 किसानों पर जुर्माना भी लगाया जा चुका हैं। यहीं नहीं प्रशासन की ओर से इस संबंध में सख्ती दिखाते हुए टीमें फील्ड में उतारी गई है तो वहीं जिला उपायुक्त ने भी वीरवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें कड़े निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि फसल अवशेष में आगजनी की घटनाओं पर सेटेलाइट के माध्यम से सीधी निगरानी रखी जा रही है। इसलिए संबंधित अधिकारी फील्ड में सजग रहकर कार्य करें और यदि कहीं पर भी फसलों के अवशेष जलने की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार उस पर कार्यवाही करें।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से किसानों को इस विषय बारे जागरूक करने का काम किया जा रहा है और आगजनी की घटनाओं की मॉनिटरिंग हेतु नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ-साथ सभी खण्ड स्तरों पर चार सदस्यीय अधिकारियों की टीमों का गठन कर दिया गया है, जिसमें कृषि विभाग, पुलिस, पंचायत विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
डॉयल 112 पर भी दी जा सकती है सूचना : कर्मचंद
कृषि विभाग के उपनिदेशक डाॅ. कर्मचंद ने बताया कि यदि कोई किसान अपने खेतों में पराली में आग लगाता है तो उसकी सूचना सीधे राजस्व विभाग के माध्यम से पटवारियों को भेजकर उनके फॉर्म रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज करने बारे भी आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक जिला में 11 किसानों पर जुर्माना लगाया जा चुका है। भविष्य में भी यदि किसी किसान ने पराली में आग लगाने की कोशिश की तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ-साथ अन्य कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति पराली में आगजनी की सूचना पुलिस हेल्पलाइन नं. 112 पर भी दे सकता है।