माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बुखार के बाद प्लेटलेट्स कम होने पर निजी अस्पताल में उपचाराधीन युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। जिसका मेडिकल कॉलेज स्थित शवगृह से पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया। युवक को डेंगू होने का भी संदेह जताया जा रहा है। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ सिविल लाइन थाना में शिकायत दी है।
गांव रसूलपुर निवासी 27 वर्षीय पंकज को 26 अक्तूबर को प्लेटलेट्स कम होने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू कर दिया। युवक के पिता सूरज और मामा सुशील शर्मा ने बताया कि प्लेटलेट्स चढ़ाने से पंकज काफी राहत महसूस कर रहा था। अगले दिन फिर से डॉक्टर ने दोबारा प्लेटलेट्स चढ़ाए। इसके बाद पंकज को बेचैनी हो गई। डॉक्टर को बताया तो भी उसने चेक नहीं किया। जो कंपाउंडर चेक करने आया वह भी नशे में था। ऐसे में लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई है।
नशे में था डॉक्टर, खाली लेटरहेड पर कराए हस्ताक्षर
मृतक के मामा सुशील कुमार का आरोप है कि डॉक्टर अस्पताल में ही शराब पी रहे थे। बेटे की हालत बिगड़ने पर बार-बार कहने के बाद भी डॉक्टर ने उसकी सुध नहीं ली। दूसरे डॉक्टर ने बताया कि इसकी मौत हो चुकी है। इस दौरान स्टाफ के सदस्यों ने इलाज के नाम पर अस्पताल के खाली लेटरहेड पर उनसे हस्ताक्षर करवा लिए। इस पर केवल हाई रिस्क कंसर्न लिखा हुआ था।
31 अक्तूबर को थी शादी की सालगिरह
पंकज इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी कर परिवार चला रहा था। उसका एक दो साल का बेटा है और पत्नी सात माह की गर्भवती है। जवान बेटे की मौत से परिवार का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि 31 अक्टूबर को उसकी शादी की सालगिरह भी है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
जानकारी के अनुसार मृतक पंकज की बहन की अगले माह शादी तय की गई है। जिसकी वह तैयारियों में भी जुटा था। अचानक बेटे की मौत से शादी की तैयारियां और खुशियां मातम में बदल गईं।
रसूलपुर गांव के एक युवक की इलाज के दौरान मौत की सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची। डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके जांच करेंगे।
-रोशन लाल,प्रभारी, सिविल लाइन थाना।